मुंगेली प्रशासनिक आतंक से आर. ई. एस विभाग कि महिला अधिकारी प्रताड़ित ? उप अभियंता सोनल जैन ने कथित गलत संलग्नीकरण के खिलाफ उठाया आवाज, समर्थन में खड़े हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन
मुंगेली प्रशासनिक आतंक से आर. ई. एस विभाग कि महिला अधिकारी प्रताड़ित ?
उप अभियंता सोनल जैन ने कथित गलत संलग्नीकरण के खिलाफ उठाया आवाज, समर्थन में खड़े हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
मुंगेली – देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा और अभियान कि शुरुआत किया गया था. उनके इस नारा, अभियान को जिला मुंगेली में प्रशासनिक अधिकारी और नेतागढ मिट्टी पलिद (दुर्दशा) करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. और जिला मुंगेली के नेता अरुण साव इन दिनों प्रदेश में डिप्टी सीएम की भूमिका निभा रहे हैं. उनके गृह जिला में इन दिनों एक महिला अधिकारी को प्रशासनिक आतंक का सामना कर मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है. सरल और दूसरे शब्दों में कहा जाए तो मोदी के इस नारा और अभियान को डिप्टी सीएम अरुण साव के गृह जिला अधिकारी धत्ता दिखा रहे हैं.
जिला मुंगेली कि एक महिला सब इंजीनियर के साथ कथित प्रताड़ना,और गलत संलग्नीकरण का मामला काफी दिनों से काफी चर्चा में है. जिला पंचयात मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पांडे का एक आदेश हिटलर शाही की ओर संकेत कर रहा हैं. सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार सोनल जैन उप अभियंता कार्यालय जनपद पंचायत मुंगेली को आगामी आदेश पर्यंत तक अस्थाई रूप से कार्यालय कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा संभाग मुंगेली जिला मुंगेली में कार्य संपादन हेतु आदेश पारित किया गया. यह आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुंगेली के द्वारा दिनाँक 26- 11- 2025 को जारी किया गया है. उक्त आदेश पर यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यालय जनपद पंचायत मुंगेली से प्राप्त शिकायत एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत यह कार्यवाही किया गया है.
बताया जाता है कि महिला सब इंजीनियर सोनल जैन द्वारा इस मामले में आरटीआई लगा कर जानकारी मांगा गया. तब चौंकाने वाले वाले खुलासे हुए. सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज में उल्लेख किया गया है कि उक्त उक्त शिकायत, जांच संबंधी किसी प्रकार का दस्तावेज कार्यलय जनपद पंचायत मुंगेली में उपलब्ध नहीं है.
ऐसे में सवाल उठता है कि जब शिकायत नहीं किया गया. तब जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडे द्वारा जारी आदेश में कार्यालय जनपद पंचायत मुंगेली कि शिकायत एवं प्रतिवेदन का हवाला क्यों दिया गया.
इस मामले को लेकर कई मीडिया संस्थानों द्वारा खबरें प्रसारित की जा चुकी है लेकिन खबरें प्रसारित होने के बावजूद अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही सामने नहीं आया है. जिसके बाद इस मामले में छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है. बताया जाता है कि एसोसिएशन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर,सोनल जैन के साथ नियमों के विरुद्ध किए गए संलग्नीकरण को समाप्त करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग किया है. बहरहाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर विभाग के उच्च अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं.
वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत मुंगेली सीईओ का लगातार बदलना प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है.
आखरी में कुछ सवाल….
मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय जनपद पंचायत मुंगेली से कोई शिकायत या जांच प्रतिवेदन नहीं दिया गया तो संलग्नीकरण के आदेश पर उक्त शिकायत का उल्लेख क्यों किया गया
उप अभियंता सोनल जैन का जिस कार्यालय में संलगनीकरण किया गया है. उस जगह पर क्या शासन द्वारा स्वीकृत पद रखा गया है और अगर नहीं रखा गया तो किस नियम के तहत उस कार्यालय में अटैच / संलगनीकरण किया गया है.?
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को उप अभियंता सोनल जैन का संलग्ननीकरण करने हेतु मुख्य अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विकास आयुक्त कार्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ से अनुमोदन लेने की आवश्यकता थी कि नहीं.?
जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय द्वारा उप अभियंता सोनल जैन का किए गए अटैच / संलगनीकरण से छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम (3) अनुसार कदाचरण, का प्रकरण बनता है कि नहीं. और अगर प्रकरण बनता है तो प्रभाकर पांडे के खिलाफ क्या कार्यवाही किया जाएगा ?