छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी लैबों का संचालन एचएलएल को सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों का शंखनाद छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठन हुए एकजुट, चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी लैबों का संचालन एचएलएल को सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों का शंखनाद     छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठन हुए एकजुट, चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी लैबों का संचालन एचएलएल को सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों का शंखनाद

 

छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठन हुए एकजुट, चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

 

 

 

 

बिलासपुर – राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन हिंदुस्तान लाइफकेयर लिमिटेड (एचएलएल) को सौंपने के निर्णय के विरोध में आज छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने की।

 

बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन एचएलएल को सौंपने का निर्णय प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था, कर्मचारियों के हितों तथा आम जनता को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं उपलब्ध कराने की वर्तमान व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। वक्ताओं ने कहा कि शासकीय प्रयोगशालाएं वर्षों से प्रदेशवासियों को विश्वसनीय, सुलभ एवं किफायती जांच सेवाएं प्रदान करती रही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को यथावत बनाए रखना जनहित तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है।

 

बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि राज्य सरकार उक्त निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन पूर्ववत स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ही जारी रखे तथा एचएलएल को संचालन सौंपने के निर्णय को तत्काल वापस ले। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए तथा वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें न्यायोचित अवसर प्रदान किया जाए।

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा शीघ्र घोषित की जाएगी।

 

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों के रोजगार और सेवा सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि प्रदेश की सुदृढ़ सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा का भी प्रश्न है। सभी कर्मचारी संगठनों ने एकजुटता बनाए रखते हुए आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने का संकल्प लिया।

 

बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे…

 

– श्री कमल वर्मा – प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन

– श्री आलोक मिश्रा

– श्री पंकज पांडेय

– श्री मुन्नालाल निर्मलकर

– श्री विकास यादव

– श्रीमती रीना राजपूत

– ⁠श्री साधुराम नेताम

 

सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारी, जिला प्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

बैठक की प्रमुख मांगें

 

1. शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन एचएलएल को सौंपने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए।

2. शासकीय पैथोलॉजी लैबों का संचालन पूर्ववत स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ही जारी रखा जाए।

3. स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

4. वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें न्यायोचित अवसर प्रदान किया जाए।

 

 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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