विधानसभा में बिलासपुर की आवाज क्यों खामोश है अमर अग्रवाल ने मंत्री पद कि माँग से क्या जनता की समस्याओं और क्षेत्र की मांग का सौदा कर लिया गया है – शैलेश पांडेय
विधानसभा में बिलासपुर की आवाज क्यों खामोश है
अमर अग्रवाल ने मंत्री पद कि माँग से क्या जनता की समस्याओं और क्षेत्र की मांग का सौदा कर लिया गया है – शैलेश पांडेय

बिलासपुर – प्रेस वार्ता के दरमियान पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि बिलासपुर की उस आवाज़ को उठाने आया हूं, जिसे हमारे वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने विधानसभा में पूरी तरह खामोश कर दिया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इस कार्यकाल में अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, लगभग हर विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों और जनता की मांगों को लेकर सदन में सरकार से सवाल पूछ रहा है।
श्री शैलेश पांडे ने कहा आज मैं अग्रवाल जी से सीधा सवाल पूछता हूँ- क्या कारण है कि आप सरकार से सवाल पूछने से डर रहे हैं? क्या मंत्री बनने की उम्मीद में आपने बिलासपुर की जनता के सवालों पर चुप्पी साध ली है?
असल बात यह है कि विधायक जी जनता की आवाज़ उठाने के लिए नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं। वे केवल फिर से मंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। और अपने इसी मंत्री पद के सपने को पूरा करने के चक्कर में, वे मुख्यमंत्री और सरकार के सामने बिलासपुर की जनता की जायज आवाज़ को दबा रहे हैं, घुटने टेक रहे हैं।
वे सरकार से डर रहे हैं कि कहीं सवाल पूछने से उनका मंत्री पद न कट जाए। विधायक का काम सरकार की हां में हां मिलाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखना होता है।
आप खुद देखिए, हमारे पड़ोस के जितने भी विधायक हैं, चाहे वो सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के-बिल्हा से धरमलाल कौशिक जी को देख लीजिए, बेलतरा से सुशांत शुक्ला जी को देख लीजिए, तखतपुर से धरमजीत सिंह जी हों या कुरुद से अजय चंद्राकर जी- ये सभी विधायक लगातार अपने क्षेत्र की बिजली, सड़क, पानी, विकास योजनाओं और जनता की मांग को लेकर सदन में गूंज रहे हैं, सरकार को घेर रहे हैं।
लेकिन मैं बिलासपुर की जनता से पूछना चाहता हूं- क्या किसी ने विधानसभा में बिलासपुर की आवाज सुनी?
दुर्भाग्य की बात है कि आठ-आठ सत्र बीत गए, लेकिन बिलासपुर के विधायक अमर अग्रवाल सरकार से एक भी सवाल नहीं पूछ पाए। एक भी ऐसा मुद्दा नहीं उठा पाए, जो इस शहर की जनता की पीड़ा को या मांग को सामने रखता हो।
आज बिलासपुर जलभराव से परेशान है, अपराध बढ़ रहे हैं. ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है, सड़कें टूटी हुई है, स्वास्थ्य सुविधाएं सवालों के घेरे में हैं, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है। स्वामी आत्मानंद स्कूल बंद हो रही है, कोनी का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल ठेके पर दिए जा रहे हैं, अपोलो में गरीबों का इलाज नहीं हो रहा है, स्वास्थय विभाग लचर है, शहर में पानी की सप्लाई भी अपूर्ण है, लोग ठंडी में भी पियासे रहे हैं, 3C, 4C, हवाई सेवा वर्षों पुरानी मांग रही है, जो कभी भी उन्होंने नहीं उठाई, इतने सारे मुद्दे होने के बावजूद विधानसभा में बिलासपुर की आवाज आखिर क्यों नहीं उठ रही?
बिलासपुर से विधायक अमर अग्रवाल जी बिलासपुर की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इन 8 बैठकों में विधायक जी ने सरकार से एक भी सवाल नहीं पूछा। बिलासपुर की जनता की एक भी समस्या को सदन के पटल पर नहीं रखा। बिलासपुर के विधायक जी तो पहले नगर से गायब रहते ही थे, अब बिलासपुर का प्रतिनिधित्व छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा से भी गायब हो चुका है।
“मैं अमर अग्रवाल जी को याद दिलाना चाहता हूँ-जब मैं बिलासपुर का विधायक था, प्रदेश में हमारी अपनी (कांग्रेस की) सरकार थी। अपनी सरकार होने के बावजूद मैंने जनता के मुद्दों से कभी समझौता नहीं किया। मैंने बिलासपुर के हक के लिए अपनी ही सरकार से 392 सवाल पूछे थे! 392 बार बिलासपुर की आवाज़ को विधानसभा में बुलंद किया था। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि सवाल पूछने से कोई नाराज़ होगा। मेरा धर्म जनता की आवाज उठाना था और मैंने वही किया।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि बिलासपुर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की कीमत नहीं चुकाएगा। बिलासपुर की जागरूक जनता विधायक जी की इस कायरता और निष्क्रियता को देख रही है, यह शहर जवाब मांग रहा है और जनता जानना चाहती है कि उसका विधायक आखिर सदन में मौन क्यों है? और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।
कांग्रेस पार्टी बिलासपुर की जनता की आवाज को दबने नहीं देगी। हम सड़क से लेकर विधानसभा तक हर जनहित के मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे।

