कर्नल्स एकेडमी स्कूल डमी एडमिशन का मामला, जांच पूरी लेकिन कार्यवाही अब भी अधूरी ?
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर _ विकासखंड बिल्हा के अंतर्गत मंगला क्षेत्र में संचालित कर्नल्स एकेडमी स्कूल के खिलाफ डमी एडमिशन को लेकर शिकायत किया गया था। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जांच किया किया गया. परन्तु शिकायत प्रमाणित होने के बाद भी मामले मे कार्यवाही अब तक अधूरी है। बताया जाता है कि अग्रिम कार्यवाही के लिए दिल्ली सीबीएसई बोर्ड को पत्र भेजा गया है. मामले पर दिलचस्प बात यह है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुए सालों बीत चुके हैं. लेकिन अब तक कार्यवाही पूरी नहीं हो पाई है.
कर्नल्स एकेडमी स्कूल जो कि मंगला क्षेत्र में संचालित है। उक्त स्कूल के खिलाफ डमी एडमिशन को लेकर शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का आदेश दिया था। उस मामले से संबंधित सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार मामले की जांच करने हेतु 4 सदस्य जांच दल का गठन किया गया। उनके द्वारा उपस्थित एवं उपस्थिति पंजी का निरीक्षण – कक्षा 12वीं विज्ञान समूह का किया गया. जिसमें कुल उपस्थिति एवं कुल दर्ज संख्या प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण करने पर 17/61 अर्थात मात्र 27 प्रतिशत उपस्थिति पाई गई ।
जांच दल ने अपने प्रतिवेदन में इस बात का उल्लेख किया कि दिव्यांश तिवारी , ज्योति पटेल, प्रांशु पार्थ, एवं श्रेया वर्मा उनकी उपस्थिति को 25-7-24 को दर्ज किया गया। लेकिन छात्रों से प्रति परीक्षण पर पाया गया कि उपरोक्त छात्र 25-7-2024 को अनुपस्थित थे। इसी तरह से कक्षा ग्यारहवीं की विज्ञान समूह की उपस्थिति की जांच में भी यही विरोधाभास होने की बात जाँच समिति ने कही और यह भी बतलाया कि निरीक्षण के दौरान मात्र 23 प्रतिशत उपस्थित जो कि अन्य दिन फर्जी उपस्थिति का संदेह उत्पन्न करता है। जांच अधिकारियों ने पाया कि उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित छात्रों को दर्शाने के लिए A अथवा स्पष्ट उल्लेख न करके केवल DOT mark लगाया गया यह तरीका भी संदेह उत्पन्न करता हैं।
शहर से दूर रहने वाले छात्रों ने भी लिया एडमिशन
संस्था के प्रवेश पंजी में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बिलासपुर शहर से दूर मरवाही, जमनीपाली, गेवरा, कोरबा , दीपिका आदि स्थानों से छात्र भी प्रवेशित हैं। राजकिशोर नगर, रेलवे कॉलोनी, देवरी खुर्द जैसे दूरस्थ (संस्था से) स्थानो में रहने के बावजूद मंगला के स्कूल में प्रवेश प्रश्न को जन्म देता है।
जाँचकर्ता अधिकारियों ने इस बात का भी उल्लेख किया कि सत्र 2022-23 तथा 2023 – 24 में विज्ञान विषय मे कक्षा ग्यारहवीं में प्रति सत्र 50 से अधिक छात्रों का प्रवेश लिया गया है । अचानक कक्षा ग्यारहवीं में इतनी बड़ी संख्या में प्रवेश डमी स्कूल की अवधारणा को ही मजबूत करता है। मामले की जांचकर्ता अधिकारियों ने अभिमत दिया कि कर्नल्स एकेडमी स्कूल में डमी एडमिशन के साक्ष्य पाए गए है। बहारहाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर आगे की कार्यवाही कब तक पूरी हो पाती है।
विजय टांडे
जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर
कर्नल्स एकेडमी स्कूल के डमी ऐडमिशन का मामला हमारे टी एल में भी लगा हुआ है इस विषय मे विभाग द्वारा दिल्ली सीबीएसई बोर्ड को पत्र लिखा गया है. जैसे ही पत्र का जवाब आएगा उस हिसाब से आगे कार्य किया जाएगा.