सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित कथित फर्जी स्वास्थ्य विभाग के मामले में शिकायतकर्ता 4 लेकिन एफ. आई. आर 1, अर्नेश कुमार नियम में आरोपित व्यक्ति को लाभ देने का खेल तो नहीं ? रोजगार के नाम पर ठगने वाले सिरगिट्टी में सक्रिय रैकेट के खिलाफ तत्कालीन एसपी के आदेश पर 9 साल पूर्व किया गया रहा 2 एफ. आई. आर. दर्ज ? हरि ओम ट्रेडिंग संस्था प्राइवेट लिमिटेड का संजीव छिब्बर सिरगिट्टी में क्या अब भी सक्रिय, बेरोजगार युवाओं को ठगने के तिलिस्म जाल में क्या वह निभा रहा भूमिका ?

सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित कथित फर्जी स्वास्थ्य विभाग के मामले में शिकायतकर्ता 4 लेकिन एफ. आई. आर 1, अर्नेश कुमार नियम में आरोपित व्यक्ति को लाभ देने का खेल तो नहीं ?        रोजगार के नाम पर ठगने वाले सिरगिट्टी में सक्रिय रैकेट के खिलाफ तत्कालीन एसपी के आदेश पर 9 साल पूर्व किया गया रहा 2 एफ. आई. आर. दर्ज ?        हरि ओम ट्रेडिंग संस्था प्राइवेट लिमिटेड का संजीव छिब्बर सिरगिट्टी में क्या अब भी सक्रिय, बेरोजगार युवाओं को ठगने के तिलिस्म जाल में क्या वह निभा रहा भूमिका ?

सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित कथित फर्जी स्वास्थ्य विभाग के मामले में शिकायतकर्ता 4 लेकिन एफ. आई. आर 1, अर्नेश कुमार नियम में आरोपित व्यक्ति को लाभ देने का खेल तो नहीं ?

 

 

रोजगार के नाम पर ठगने वाले सिरगिट्टी में सक्रिय रैकेट के खिलाफ तत्कालीन एसपी के आदेश पर 9 साल पूर्व किया गया रहा 2 एफ. आई. आर. दर्ज ?

 

 

हरि ओम ट्रेडिंग संस्था प्राइवेट लिमिटेड का संजीव छिब्बर सिरगिट्टी में क्या अब भी सक्रिय, बेरोजगार युवाओं को ठगने के तिलिस्म जाल में क्या वह निभा रहा भूमिका ?

 

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )

बिलासपुर – सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित कथित फर्जी स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी के खिलाफ प्रार्थी कमलाबाई 42 वर्ष थाना पसान जिला कोरबा निवासी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है. मामले पर दिलचस्प बात यह है कि शिकायतकर्ता 4 लेकिन एफ. आई. आर 1 दर्ज किया गया है. जिसको लेकर के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.कि अलग-अलग अपराध पंजीबद करने के बजाय पुलिस ने एक अपराध पंजीबद्ध किया है. ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि  मामले में किसी आरोपित व्यक्ति को अर्नेश कुमार नियम का लाभ देने के लिए यह कोई खेल तो नहीं खेला गया है. दूसरी ओर प्रार्थियों के द्वारा  मीडिया को दिए गए बाईट में जिन तीन से चार व्यक्तियों का जिक्र किया गया उनमें से किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद नहीं किया गया.

 

गौरतलब है कि सिरगिट्टी क्षेत्र में बेरोजगार युवक – युवती को सरकारी रोजगार दिलाने के नाम पर ठगने के लिए बड़ा ठग गिरोह लंबे समय से सक्रिय है.जिनके द्वारा इस अपराध को धड़ल्ले से अंजाम दिया जा रहा है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह क्षेत्र इन दिनों ठगी का हब सेंटर बन चुका है. ठग के इस तिलिस्म जाल में हजारों की संख्या में बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. इसी बीच जिला कोरबा निवासी कमलाबाई ने अपनी नाबालिग बेटी की तरफ से थाना सिरगिट्टी में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराया है कि 60 साल के लिए नौकरी लगाने के नाम पर उनकी बेटी एवं उनके साथ अन्य सहेलियां से कुल 78 हजार रुपए की ठग चल पूर्वक धोखाधड़ी किया गया है. जिसके बाद पुलिस ने श्याम के खिलाफ धारा 318 (4 ), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद किया. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपित व्यक्ति को मुचलका पर छोड़ दिया गया है.

 

 

नौकरी लगाने के नाम ठगी, शिकायतकर्ता 4 लेकिन एफ. आई. आर 1, अर्नेश कुमार नियम में आरोपित को लाभ देने का खेल तो नहीं ?

12 फरवरी को सिरगिट्टी थाना में 4 युवतियां शिकायत करने पहुंची थी कि उनके साथ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी किया गया. लेकिन चारो की शिकायत में अलग-अलग कार्यवाही न करके एक एफ. आई. आर दर्ज करके  मामला सिमटा दिया गया. जबकि चारो शिकायतकर्ता अलग-अलग जिला सरगुजा,कोरबा, बस्तर, सूरजपुर कि रहने वाली है. और प्रत्येक व्यक्ति से 19500 रुपए लेना बताया जा रहा है. ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत पर अलग-अलग अपराध पंजीबद  किया जाना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इस कारण से प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवालिया निशान उठना लाजमी है !

 

 

रोजगार के नाम पर ठगने वाले सिरगिट्टी में सक्रिय रैकेट के खिलाफ तत्कालीन एसपी के आदेश पर 9 साल पूर्व किया गया रहा 2 एफ. आई. आर दर्ज

 

सिरगिट्टी क्षेत्र में वर्ष 2012 के दरमियन हरिओम ट्रेडिंग संस्था प्राइवेट लिमिटेड ने अपना कार्य शुरू किया था. उनके खिलाफ आरोप था कि युवाओं को नौकरी देने के नाम पर प्रलोभन देकर बुलाया जाता है. और उनसे रकम लेकर (कॉस्मेटिक सामग्री) दैनिक उपयोग में लाने वाली सामग्री को बेचने के लिए मजबूर किया किया गया. प्रॉफिट को देखते हुए संस्था ने अपना कारोबार बढ़ाया . इस दरमियान फरवरी 2017 में व्यापार विहार एफसीआई रोड पर संस्था ने अपना ऑफिस स्थापित किया. फिर एक बड़ा तिलिस्म बनाकर युवाओं को ठगने का लंबा खेल खेले जाने लगा. यह खेल इतना बड़ा रहा कि ठगी का यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक विधायक द्वारा उठाया गया. फिर क्या था तत्कालीन एसपी ने मामले में एफ. आई. आर.दर्ज कर कार्यवाही करने का आदेश दिया.

 

हरि ओम ट्रेडिंग संस्था प्राइवेट लिमिटेड के संचालक एवं अन्य के खिलाफ थाना तारबहार में दिनांक 15 अप्रैल 2017 को पहली बार एफ. आई. आर दर्ज किया गया. जिसमें मुख्य आरोपी संत कुमार, धनंजय कुमार यादव, अनिल राम, मनोज कुमार, नानूराम, शत्रुघन कुमार, अमरेश कुमार, चेतन हांडा, संजीव छिब्बर, धर्मेंद्र सिंह सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. जिसमें इनामी धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम की धारा 3,4,5,6, 420, 34 के तहत कार्यवाही की गई थी. इस कार्यवाही के दरमियान संस्था से 2 लैपटॉप ( आईबॉल कंपनी) 1 लैपटॉप ( डेल कंपनी ) 2 टेबलेट ( सैमसंग कंपनी ), नगद 1लाख 40 हजार रुपए व कॉस्मेटिक सामग्री जप्त की गई थी.

 

थाना तारबहार में हरि ओम ट्रेडिंग के संचालक व अन्य के खिलाफ दूसरी बार दिनांक 29 दिसंबर 2017 को पुलिस द्वारा अपराध पंजीकृत किया गया. जिसमें मुख्य आरोपी प्रमोद विश्वकर्मा, धनंजय, राजेश गुप्ता, राजेश वैशव, पिंटू कुमार सहित 6 लोगों के खिलाफ धारा 420, 294, 506, 35 के तहत अपराध पंजीबद किया गया था.

 

 

 

 

मीडिया को 4 प्रार्थी युवतियों द्वारा दिए गए बाईट में देखा जा सकता है कि उन्होंने तीन से चार युवक का नाम बताया. जो इस गिरोह में सक्रिय है. लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस द्वारा किसी अन्य शख्स को आरोपी बनाकर उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है वहीं अन्य व्यक्तियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं किया गया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं दूसरी ओर युवतियों द्वारा मीडिया को दिए गए बयान से एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या संजीव छिब्बर अब भी सिरगिट्टी क्षेत्र में सक्रिय है ! क्रमशः 3

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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