आरटीओ कर्मचारी योगेश्वर प्रसाद टंडन का वीडियो वायरल, 2 एन. सी.आर. बी रिपोर्ट के बदले 200 रुपए घूस, प्रतिदिन 40 – 50 रिपोर्ट के हिसाब से प्रतिमाह में कितने लाख का खेला ?
आरटीओ कर्मचारी योगेश्वर प्रसाद टंडन का वीडियो वायरल, 2 एन. सी.आर. बी रिपोर्ट के बदले 200 रुपए घूस, प्रतिदिन 40 – 50 रिपोर्ट के हिसाब से प्रतिमाह में कितने लाख का खेला ?
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर – आरटीओ कार्यालय पर दूसरे विभाग के कर्मचारी प्रतिनियुक्ति में सेवा देने के नाम पर आकर मेवा खा रहे है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आरटीओ बिलासपुर कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों के लिए मानो लॉटरी ऑफर चल रही हो जिसके दम पर वह माल बटोर रहे हैं. शायद उन्हें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से किसी प्रकार का डर, भैय नहीं रहा इस लिए टेबल के नीचे से नहीं बल्कि खुलेआम घूसखोरी किया जा रहा. जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि वाहन बिक्री के बाद नाम ट्रांसफर के दरमियान एनसीआरबी रिपोर्ट देने की एवज में आरटीओ कर्मचारी योगेश्वर प्रसाद टंडन द्वारा किसी व्यक्ति से दो वाहन में 2 एनसीआरबी रिपोर्ट की एवज पर 200 रुपए का रिश्वत मांगा गया था. ऐसा कहा जा रहा है कि परेशान होकर व्यक्ति ने रिश्वत देते समय वीडियो बना लिया.
बिलासपुर आरटीओ कार्यालय पर योगेश्वर प्रसाद टंडन कार्यरत है वह अन्य विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आए हैं. बताया जाता है कि वे बतौर सांख्यिकी अधिकारी है. उनसे बातचीत करने पर पता चला कि वह एनसीआरबी रिपोर्ट तैयार करते हैं. मीडिया को उन्होंने जानकारी दिया कि उनके द्वारा प्रतिदिन लगभग 40 – 50 आवेदन में रिपोर्ट बनाकर दिया जाता है. एनसीआरबी रिपोर्ट के बदले शासन द्वारा किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित किए जाने के संबंध में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए किसी प्रकार की राशि शासन द्वारा निर्धारित नहीं किया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि एनसीआरबी रिपोर्ट के बदले शासन द्वारा कोई शुल्क निश्चित नहीं किया गया है तो यह राशि किस अधिकारी के कहने पर उनके द्वारा लिया जा रहा है.
कैमरे पर कैद वीडियो में सांफ देखा जा सकता है कि श्री योगेश्वर प्रसाद टंडन के द्वारा एक शख्स से 100 रुपए के दो नोट यानी 200 रुपए लिया गया है. श्री टंडन के कथन अनुसार प्रतिदिन वह 40- 50 एनसीआरबी रिपोर्ट तैयार करते है.मामले पर आकलन लगाया जाए तो अगर प्रत्येक रिपोर्ट में 100 रुपए लिया जा रहा है और एक दिन का 50 रिपोर्ट तैयार किया गया तब उस हिसाब से 5 हजार रुपए की घूसखोरी की जा रही है यानी कि एक माह में करीब 1 लाख 50 हजार रुपए का खेल किया जा रहा है. फिलहाल यह मामला जांच का विषय है की इस खेल में और कौन-कौन कर्मचारी शामिल है.
एनसीआरबी रिपोर्ट क्या होता है.
कोई भी गाड़ी जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को बेचता है तब इस दरमियान उसे नाम ट्रांसफर करने की आवश्यकता होती है. इस एनसीआरबी रिपोर्ट को ऑनलाइन विवरण देखकर आवेदक की मांग पर प्रस्तुत किया जाता है. गाड़ी ऑनर का नाम ट्रांसफर के दौरान नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) का डेटा मुख्य रूप से इस बात को सुनिश्चित करने के लिए देखा जाता है कि वाहन चोरी का तो नहीं है या फिर किसी आपराधिक गतिविधि (जैसे चोरी, दुर्घटना, या अन्य अवैध कामों) में शामिल तो नहीं है। यह प्रक्रिया कानूनी जटिलताओं को रोकने और यह पुष्टि करने के लिए होती है कि वाहन का रिकॉर्ड साफ है, जिससे नया मालिक कानूनी रूप से सुरक्षित रहे. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आरसी (RC) ट्रांसफर के बाद नए मालिक के नाम पर कोई कानूनी मुसीबत न आए और पुरानी वाहन बेचने व खरीदने की प्रक्रिया पारदर्शी हो सके.