बिलासपुर वन विभाग में एस.डी.ओ “टी आर मरई” कि प्रशासनिक दादागिरी चरम पर, जाँच के नाम पर मामला दबाना पुराना खेल ? कागजो पर विकास लेकिन असल में शासन कि बडी राशि चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट, जांच के नाम पर मामला दबाना “मरई” कि हिटलर शाही ? प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, वन मंडल अधिकारी के जाँच आदेश को एसडीओ “टी आर मरई” दिख रहे धत्ता ?

बिलासपुर वन विभाग में एस.डी.ओ “टी आर मरई” कि प्रशासनिक दादागिरी चरम पर, जाँच के नाम पर मामला दबाना पुराना खेल ?     कागजो पर विकास लेकिन असल में शासन कि बडी राशि चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट, जांच के नाम पर मामला दबाना “मरई” कि हिटलर शाही ?     प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, वन मंडल अधिकारी के जाँच आदेश को एसडीओ “टी आर मरई” दिख रहे धत्ता ?

बिलासपुर वन विभाग में एस.डी.ओ “टी आर मरई” कि प्रशासनिक दादागिरी चरम पर, जाँच के नाम पर मामला दबाना पुराना खेल ?

 

कागजो पर विकास लेकिन असल में शासन कि बडी राशि चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट, जांच के नाम पर मामला दबाना “मरई” कि हिटलर शाही ?

 

प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, वन मंडल अधिकारी के जाँच आदेश को एसडीओ “टी आर मरई” दिख रहे धत्ता ?

 

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ भाजपा की सरकार में वन मंत्री केदारनाथ कश्यप के विभाग में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. उनके विभाग के अधिकारी इन दिनों खुलेआम भ्रष्टाचार पर उतर आए हैं. मानो विभाग के मंत्री जी ने जिला बिलासपुर के अधिकारियों को खुली छूट दे रखी हो. 1 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि से कराए गए कार्य में किए गए भ्रष्टाचार को देखकर ऐसा कहा जा रहा है कि मंत्री जी का नाम जपना और सरकारी फंड अपना के फंडा में जिला बिलासपुर वन विभाग के अधिकारी द्वारा काम किया जा रहा है. तभी तो इतनी भारी भरकम राशि से कराए गए कार्य में किए गए भ्रष्टाचार कि जांच को एसडीओ व जांच अधिकारी “टी आर मरई” ने दबा रखा है. प्रदेश स्तर से लेकर संभाग व जिला के वरिष्ठ अधिकारीयो ने मामले की जांच के लिए आदेश दिया हुआ है. लेकिन अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश को जांच अधिकारी “टी आर मरई” ठेंगा दिखाकर मामले को सुनियोजित तरीके से जांच के नाम पर दबा रखा है. इस मामले को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो “टी आर मरई” एस.डी.ओ साहब के आगे जिला बिलासपुर से लेकर रायपुर के अधिकारी नतमस्तक और बेबस नजर आ रहे हैं.

 

 

बिलासपुर वन मंडल के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र तखतपुर के वन चेतना केंद्र में विभिन्न कार्यों के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है. सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज अनुसार वित्तीय वर्ष 2024 – 25 में पर्यावरण वानिकी योजना अंतर्गत ईको – पर्यटन से संबंधित विकास कार्यों को करने हेतु बजट राशि 1 करोड़ 46 लाख रूपए आवंटित किया गया था. जिसमें से भवन मरम्मत मे क्रय सामग्री, थिएटर निर्माण, डिजिटल साइनेज, आगंतुकों के लिए पीने हेतु वाटर कूलर, ग्लो साइन बोर्ड, इंटरएक्टिव टच स्क्रीन, शैक्षिक प्रदर्शन सेटअप, एलसीडी में खर्च हेतु बजट का आवंटन किया गया था. प्राप्त दस्तावेज के अनुसार कार्य संपादन हेतु प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति विभाग से लिया गया है. जिसमें कि तकनीकी स्वीकृति में साफ उल्लेख किया गया कि प्राक्कलन पर दर्शाये गए प्रावधानों एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य संपादित किए जाने हेतु तकनीकी स्वीकृति प्रदान की जाती है लेकिन स्वीकृत कार्य में से कराए गए कोई भी कार्य गुणवत्ता वर्ग प्राक्कलन अनुसार नहीं किया गया. विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास /योजना) के समक्ष पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत किया गया. उन्होंने 12 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर कहा कि जांच रिपोर्ट 14 दिन में प्रस्तुत किया जाए लेकिन 97 दिन बीत चुके हैं मामले पर जांच पूरा नहीं हो पाई है. इस मामले पर वृत्त बिलासपुर मुख्य वन संरक्षक ने भी वन मंडल अधिकारी बिलासपुर को पत्र लिखकर  जांच रिपोर्ट 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने कहा है. इसके बाद वन मंडल अधिकारी बिलासपुर ने 8 दिसंबर 2025 को पत्र लिखकर मामले की जांच करने हेतु एसडीओ “टी आर मरई” को जांच अधिकारी नियुक्त किया.

 

 

वही मामले को लेकर जांच के संदर्भ में पूछे जाने से अभिज्ञता जाहिर करते हुए जाँच अधिकारी “टी आर मरई” जी कहते है कि इस संदर्भ में मुझे जाँच के लिए पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. यह तो बड़ा हास्यपद बात साहब कहते है हम तो बस इतना कहना चाहेंगे कि अरे साहब थोड़ी तो शर्म कर लो वन मंडल कार्यालय बिलासपुर से दिनांक 8 दिसंबर 2025 पत्र क्रमांक 4565 आपको जारी कर मामले में जाँच के लिए कहा गया है. और इस बात को हम पिछले 2 माह से भली भांति जानते हैं. यहा पर सवाल उठता है कि आखिर किस उद्देश्य से इस जांच को मीडिया से “टी आर मरई” छुपाने कि चाह रख रहे है यह तो वे हि जाने  लेकिन जांच के नाम पर आपका यह ढोल मोल रवैया आपकी मंशा, नीति और नियत को सवाल के कटघरे में खडा कर रहा है.

 

वही दूसरे शब्दो में कहा जाए तो एसडीओ “टी. आर. मरई” का जांच के प्रति उदासीन रवैया एवं व्यवहार कई प्रश्न एवं संदेह को जन्म दे रहा है. वही भ्रष्टाचार कि जांच जैसे मामले को मीडिया से छुपाना मानो ऐसा प्रतीत होता है कि बिलासपुर वन विभाग में इन दिनों प्रशासनिक आतंकवाद चल रहा है. बहर हाल देखने वाली बात है कि इस मामले पर जांच कब तक पूरी हो पाती है

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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