राष्ट्र निर्माण में संवाद, संवेदना, समरसता एवं स्वदेशी चिंतन की आवश्यकता : मुकुल कानिटकर

राष्ट्र निर्माण में संवाद, संवेदना, समरसता एवं स्वदेशी चिंतन की आवश्यकता : मुकुल कानिटकर

राष्ट्र निर्माण में संवाद, संवेदना, समरसता एवं स्वदेशी चिंतन की आवश्यकता : मुकुल कानिटकर

 

 

 

बिलासपुर,   सुदर्शन प्रेरणा मंच, बिलासपुर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंचम सरसंघचालक श्रद्धेय सुदर्शन जी की स्मृति में आयोजित “यशोधरा व्याख्यानमाला” की ग्यारहवीं कड़ी का आयोजन शनिवार को बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय सभागार, बिलासपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल कानिटकर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

 

अपने उद्बोधन में श्री कानिटकर ने कहा कि आगामी वर्षों में भारत विश्व के समक्ष एक वैचारिक एवं सांस्कृतिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल शासन का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से संभव होता है। उन्होंने संवाद, संवेदना, समरसता और स्वदेशी चिंतन को सशक्त राष्ट्र निर्माण के प्रमुख आधार बताया।

 

मुख्य वक्ता ने भारतीय जीवन दर्शन की चर्चा करते हुए कहा कि हिंदू चिंतन में संपूर्ण सृष्टि को एक परिवार के रूप में देखने की परंपरा है। उन्होंने सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वदेशी जीवन शैली को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज में मतभेद हो सकते हैं, परंतु संवाद समाप्त नहीं होना चाहिए। संवाद ही लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द का आधार है।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे व्याख्यानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सुदर्शन जी के विचारों को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित में समाज की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति के लिए नागरिकों में कर्तव्यबोध और अनुशासन का विकास आवश्यक है।

 

विशिष्ट अतिथि के रूप में पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रो. वीरेंद्र कुमार सारस्वत तथा नगर संघचालक प्रदीप शर्मा उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम का आयोजन सुदर्शन प्रेरणा मंच, बिलासपुर द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *