फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे कब होगी जाँच 

फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे कब होगी जाँच 

फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे कब होगी जाँच

 

 

कानो से सुनने वाला बहरा, आंखों से देखने वाला अंधा, पैरों से चलने वाला लंगड़ा

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे  (संतोष साहू)

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे कथित रूप से फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। इस तरह के गंभीर मामले को लेकर साक्ष्य एवं प्रमाण  संबंधित विभाग के अधिकारियों से सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त कर लिया गया है. जिसमें फर्जीवाड़ा की  प्रमाण प्रमाणित होते नजर आ रहे हैं.

 

विभाग से प्राप्त सूचना का अधिकार  के तहत दस्तावेज में, संबंधित कर्मचारी द्वारा नौकरी प्राप्त करने अथवा सेवा में लाभ लेने के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था। अब इस प्रमाण पत्र की वैधता और उसके आधार पर प्राप्त नौकरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला जांजगीर चांपा द्वारा प्रदाय किए गए सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार कुल 12 ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने विकलांग कोटा के तहत नौकरी प्राप्त किया है. जिसमें श्रवण बाधित, अस्थि बाधित, दृष्टि बाधित  के तहत विभाग के परिचारक से लेकर वेटरनरी डॉक्टर तक का नाम शामिल है.

 

इस मामले को लेकर यदि विभाग  संबंधित कर्मचारी के द्वारा प्रस्तुत किए गए  विकलांगता प्रमाण पत्र की मूल अभिलेखों से संबंधित व्यक्ति के शारीरिक  विकलांगता कि जाँच स्टेट बोर्ड कमेटी चिकित्सा प्राधिकरण से कराई जाए तो एक बड़े फर्जी मेडिकल माफिया वाले बडे रैकेट  सामने आने की संभावना है. जिसने छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बना कर दिया है. बताया जाता है कि इस फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र को बनाने के एवज में  50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक कि रस्म अदाई किए जाने कि चर्चा है.

 

कानो से सुनने वाला बहरा, आंखों से देखने वाला अंधा, पैरों से चलने वाला लंगड़ा !

 

विगत कुछ दिनों पूर्व छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक विधायक द्वारा उठाए गए प्रश्न के बाद जिला बिलासपुर में जिस तरफ फर्जी  सर्प डंस के सहारे करोड़ों मे किए गए फर्जीवाड़ा का मामला उजागर हुआ है. इसी तरह यदि फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हथियाना वालो कि जाँच किया जाए तो सुनने वाला बहरा, आँखों से देखने वाला अंधा, दोनों पैरों से चलने वाला लंगड़ा  बाहर निकलेगा. समाचार के अगले अंक पर सुनने वाला बहरा जो कि (फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र) के सहारे पशु चिकित्सा विभाग जिला जांजगीर चांपा में एक बड़ा पद  हथियाकर बेजुबान जानवरों का इलाज कर रहा है उसके संदर्भ में दस्तावेज के साथ  बड़ा खुलासा किया जाएगा.

 

 

 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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