मुख्यमंत्री की घोषणा पर अफसरों की सुस्ती भारी! बिरसा मुंडा की प्रतिमा अब तक नहीं बनी! 15 नवंबर की समयसीमा नजदीक, 50 लाख रुपये की स्वीकृति की चर्चा के बीच वर्क ऑर्डर का इंतजार; क्या 16 नवंबर को हो पाएगा अनावरण?

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अफसरों की सुस्ती भारी! बिरसा मुंडा की प्रतिमा अब तक नहीं बनी!     15 नवंबर की समयसीमा नजदीक, 50 लाख रुपये की स्वीकृति की चर्चा के बीच वर्क ऑर्डर का इंतजार; क्या 16 नवंबर को हो पाएगा अनावरण?

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अफसरों की सुस्ती भारी! बिरसा मुंडा की प्रतिमा अब तक नहीं बनी!

15 नवंबर की समयसीमा नजदीक, 50 लाख रुपये की स्वीकृति की चर्चा के बीच वर्क ऑर्डर का इंतजार; क्या 16 नवंबर को हो पाएगा अनावरण?

 

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के एक साल बाद भी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की योजना जमीन पर उतरती नजर नहीं आ रही है। नगर निगम के जोन क्रमांक-1 सकरी अंतर्गत वार्ड क्रमांक-3 स्थित बिरसा मुंडा चौक पर प्रतिमा स्थापना और चौक का नामकरण प्रस्तावित है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या आदिवासी समाज के महान जननायक की प्रतिमा 15 नवंबर से पहले तैयार हो पाएगी?

 

घोषणा के बाद भी निर्माण शुरू नहीं, जिम्मेदार कौन?

 

जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर चौक विकसित करने की घोषणा की थी। प्रस्ताव के अनुसार, 15 नवंबर 2026 तक प्रतिमा स्थापना का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए लगभग 50 लाख रुपये की राशि आवंटित होने तथा प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि इस परियोजना की प्रक्रिया नगर निगम के माध्यम से की गई है, लेकिन अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यदि स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फिर कार्यादेश जारी करने में देरी क्यों हो रही है? इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।

 

प्रतिमा निर्माण में 45 दिन लगने की चर्चा, समय बेहद कम

 

प्रतिमा तैयार करने में लगभग 45 दिन लगने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, 28 अक्टूबर तक काम शुरू नहीं होने की स्थिति में 15 नवंबर की निर्धारित तारीख तक प्रतिमा तैयार करना चुनौतीपूर्ण दिखाई देता है। चर्चा है कि 16 नवंबर को बिलासपुर जिले में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है और इसी दौरान प्रतिमा का अनावरण किए जाने की संभावना थी।

ऐसे में सवाल है कि जब प्रतिमा निर्माण में ही करीब डेढ़ महीने का समय लग सकता है, तो महज कुछ दिनों में यह कार्य कैसे पूरा होगा? क्या संबंधित विभाग समयसीमा को ध्यान में रखकर पहले से तैयारी कर रहा था, या फिर घोषणा के बाद परियोजना की फाइलें कार्यालयों में ही घूमती रहीं?

आदिवासी समाज ने पसंद किया डिजाइन, फिर भी काम क्यों अटका?

 

बताया जाता है कि भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा के लिए डिजाइन का चयन आदिवासी समाज के लोगों की पसंद के अनुरूप कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे दी गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से समाज के लोगों के बीच नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनने की चर्चा है।

भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक हैं। ऐसे महापुरुष की प्रतिमा स्थापना से जुड़ी घोषणा पर समय रहते काम नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

 

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल कब?

 

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर निगम के अधिकारी 15 नवंबर की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया तेज करेंगे? लगभग 50 लाख रुपये की बताई जा रही परियोजना में अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने की वजह क्या है? देरी के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या समयसीमा चूकने पर किसी अधिकारी की जवाबदेही तय होगी?

बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे  से इस संदर्भ में चर्चा किया गया और प्रश्न पूछा गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने बिरसा मुंडा जी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत किए थे. वह कार्य की क्या स्थिति है तब उन्होंने बताया कि अभी जस्ट समिति की बैठक हुई है  कौन सी मूर्ति लगानी है यह तय हुआ है. चर्चा के दौरान पूछा गया कि यह कार्य करने हेतु पिछले 1 वर्ष  से माननीय मुख्यमंत्री ने  राशि आवंटित किया हुआ है. लेकिन अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं किया गया. तब उन्होंने कहा कि  अगस्त सितंबर माह मे वर्क आर्डर जारी किया जा चुका है.

ऐसे में सवाल उठता है कि यदि किसी मूर्ति निर्माण के चयन  28 अक्टूबर को हुआ है. तो इसके निर्माण के संदर्भ में वर्क आर्डर अगस्त सितंबर में कैसे जारी हो गया. और किस मापदंड के तहत बनना तय हुवा. वर्क आर्डर जारी होने के 3 महीने बीत जाने के बाद यदि कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो जिम्मेदार कौन है.

 

 

वही अब मुख्यमंत्री की घोषणा को निर्धारित समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस परियोजना को समय पर पूरा कर पाते हैं या भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना की घोषणा भी कागजों तक सीमित रह जाती है।

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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