पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी ! दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली ! कानो से टनाटन सुनने वाला कथित बहरा !

पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी !  दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली !  कानो से टनाटन सुनने वाला कथित बहरा !

पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी !

दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली !

कानो से टनाटन सुनने वाला कथित बहरा !

 

 

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग मे कथित रूप से फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि इस जिले में इस विभाग के अंतर्गत कुल 12 लोगों के द्वारा विकलांग कोटा के तहत नौकरी किया जा रहा है. जिसमें से कुछ लोगो के प्रमाण पत्र ही सही होना बताया जा रहा है. वहीं इनमें कुछ ऐसे कर्मचारी भी शामिल है जो पूरी तरह स्वस्थ है लेकिन नौकरी पाने के लालच में फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर असल विकलांग व्यक्ति का हक मार कर कुर्सी हथिया बैठे हैं.

 

दाल में कुछ काला या फिर पूरी दाल ही काली !

उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला जांजगीर चांपा द्वारा प्रदाय किए गए सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार कुल 12 कर्मचारी का विवरण निम्न अनुसार है

 

 

इस सूची में कुछ डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र की वैधता और उसके आधार पर प्राप्त नौकरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसलिए हमारे द्वारा कहा जा रहा है कि दाल में कुछ काला या फिर पूरी दाल ही काली है. दरअसल फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र को लेकर दो तरह की चर्चाएं होती हैं पहली बात यह कही जाती है कि प्रमाण पत्र बनाने वाले टीम के कुछ डॉक्टरो से मिली भगत करके फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनाया जाता है. और जारी किए गए प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड बाकायदा डॉक्टर एवं स्टाफ द्वारा रिकॉर्ड संधारित किया जाता है.

 

दूसरा वाला तो इससे बड़ा स्कैम होता है. दरअसल चर्चा है कि इस प्रकार के फर्जीवाड़ा को अंजाम देने के लिए एक फर्जी (सील मुहर) बनवाकर स्वयं के हाथों फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है. खुद ही निर्णय किया जाता है कि किस प्रकार का विकलांग (श्रवण बाधित, अस्थि बाधित, दृष्टि बाधित ) बनना है. और कितना प्रतिशत स्वयं को विकलांग साबित करना है. मामले पर मजेदार बात यह है कि इस तरह के फर्जी बड़ा मे प्रमाण पत्र तो बन जाता है लेकिन रिकॉर्ड कहीं संधारित नहीं किया जा सकता है

 

कानो से टनाटन सुनने वाला कथित बहरा !

 

समाचार के अगले अंक पर कानो से टनाटन सुनने वाला कथित बहरा का खुलासा करेंगे. जो बाकायदा फोन उठा कर मीडिया से अपनी वार्तालाप किया. और मामले को माननीय न्यायालय के समक्ष होना बताया पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे के पास उपलब्ध है. अगले समाचार अंक पर उक्त कॉल रिकॉर्डिंग न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे में डालकर दर्शकों को भी सुनाया जाएगा. क्रमशः 3

 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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