सहकारी संस्थाएं सहायक पंजीयक हितेश कुमार श्रीवास के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सहायक पंजीयक श्रीवास साहब फोन उठाने से करते हैं परहेज,  आम जनता से सरोकार नहीं क्या ?

सहकारी संस्थाएं सहायक पंजीयक हितेश कुमार श्रीवास के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप     सहायक पंजीयक श्रीवास साहब फोन उठाने से करते हैं परहेज,  आम जनता से सरोकार नहीं क्या ?
सहकारी संस्थाएं सहायक पंजीयक हितेश कुमार श्रीवास के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप
सहायक पंजीयक श्रीवास साहब फोन उठाने से करते हैं परहेज,  आम जनता से सरोकार नहीं क्या ?
 
 
 
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
मुंगेली –  छत्तीसगढ़ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री का गृह जिला मे एक विभाग जो इन दोनों सुर्खियों बटोर रहा है. विभाग के सिपाही से लेकर साहब तक का नाता चोला दामन कि तरह विवादों से रहा है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सहकारिता विभाग एक लेकिन मामले अनेक है. इस बार आरोप सहकारी संस्थाए विभाग के जिला मुखिया यानी कि सहायक पंजीयक  के ऊपर भ्रष्टाचार के लगे हैं जिस पर जांच की आवश्यकता है.
 
 
गौरतलब है कि किसी भी राज्य मे निर्वाचन प्रक्रिया के बाद जिस राजनीतिक दल कि बहुमत होती है वह सरकार चलाते हैं.और छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार है.जो कि अपने आप को किसान हितैषी होने का राग अलापति है लेकिन यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है कि इनकी सरकार में किसान कितना संतुष्ट है. चुकी प्रदेश में डिप्टी सीएम की भूमिका निभाने वाले  अरुण साहू के गृह जिला पर विभाग  सहकारी  संस्थाए के अधिकारी, कर्मचारी बेलगाम हो चूके हैं जिसके कारण किसान एवं आम जनता परेशान है चुकी शिकायत होने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही न होने से आम जनता के बीच सरकार कि छवि धूमिल हो रही है 
 
 
 
मुंगेली जिला निवासी  संदीप सिंह ठाकुर ने अलग – अलग दिनाँक मे छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव एवं विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत किया है उनका आरोप है कि हितेश कुमार श्रीवास जिला मुंगेली मे  सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाए के पद पर पदस्थ है. जो कि  पद स्थापना दिनांक से आज तक उनके द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मुंगेली जिला पर वर्ष 2020-21 मे लगभग 40 से अधिक खरीदी केंद्रों  में धान  शॉर्टेज के संबंध में शिकायत की गई थी  जिसमें आज दिनांक तक किसी प्रकार कि  कार्यवाही  नहीं किया गया है. बताया  जाता है कि कुछ केंद्रों  में 9% तो कुछ केंद्र में 7% धान  शॉर्टेज किया गया था. जिसका रिकवरी किया जाना रहा लेकिन ऐसा नहीं किया गया और ना ही मामले को लेकर अपराध पंजीकृत कराया गया. दूसरी ओर उन्ही व्यक्तियों को धान खरीदी प्रभारी बना दिया गया है जो कि नियम विरुद्ध है. इन सब क्रियाकलाप के कारण धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक के  साथ मिली भगत संलिप्त का संदेह शिकायतकर्ता ने  जाहिर किया है  
अब यहां पर सवाल उठता है कि गंभीर मामलो पर कार्यवाही न होने से समाज मे क्या संदेश जाता है.
सर्वादित  है कि प्रशासनिक अधिकारी शासन की योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने व क्रियान्वयन कराने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वहीं कुछ स्वार्थी दलाल किस्म के भ्रष्ट अधिकारी के कारण गरीब, किसान को समय रहते न्याय से वंचित रहना पड़ता है. मुंगेली जिला की अगर बात किया जाए तो कुछ विभाग मे भ्रष्ट अधिकारी  इन दिनों भ्रष्टाचार के चासनी मे सराबोर है. चुकी शिकायत मिलने के बाद भी कार्यवाही न करके अनावेदक को अभय दान देना इन भ्रष्टाचार्यों की फितरत बन चूकि है जिसके कारण आम जनता के बीच प्रशासन की छवि धूमिल होती नजर आ रही है. विगत कुछ दिनों पहले ब्लाक पथरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लौदा मे किसान से टोकन काटने के बाद धान न खरीदी करने का मामला प्रकाश में आया था जिसे जांच के नाम पर ठंडा बस्ते में डाल दिया गया जो कि अपने आप में निंदनीय विषय है साथ ही सोचने वाली बात है कि अगर डिप्टी सीएम के गृह जिला मे किसान का यह हाल है तो बाकी जिलों का क्या होगा 
“यह आराम का मामला है”  सहायक पंजीयक श्रीवास साहब फोन उठाने से करते हैं परहेज,आम जनता से सरोकार नहीं क्या?
संपूर्ण विश्व आज के समय में डिजिटल हो चुका है. नवाचार की दुनिया में लोग जी रहे हैं कंप्यूटर,मोबाइल,इंटरनेट, ईमेल,फैक्स के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से किया जा रहा है. लेकिन मुंगेली जिला के सहकारी संस्थाएं विभाग पर पदस्थ सहायक पंजीयक  हितेश कुमार श्रीवास डिजिटल, नवाचार से परहेज करते नजर आते हैं. ऐसा प्रतीत होता है मानो की  किसी व्यक्ति का फोन उठाना इनके शान के खिलाफ है.या फिर दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह आराम का मामला है. तभी तो साहब को फोन उठाने की फुर्सत नहीं है. जब न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे ने उनके खिलाफ किए गए शिकायत के संदर्भ में उनका पक्ष जानने के लिए लगातार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. समाचार के आखिरी पर हम तो बस इतना कहेंगे कि आमजन से दूरी बनाने वाले  ऐसे अधिकारी को कहीं दूर का रास्ता प्रशासन को दिखाना चाहिए. नहीं तो विभाग की छवि आम जनता के बीच पूरी तरह खराब होने में देर नहीं लगेगी.
 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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