स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड, झोलाछाप के इंजेक्शन से मौत पर डॉक्टर को जेल, स्वास्थ्य कर्मचारी के इंजेक्शन से मौत पर अभय दान क्या ? आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगने के बाद 2 मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही ?

स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड, झोलाछाप के इंजेक्शन से मौत पर डॉक्टर को जेल, स्वास्थ्य कर्मचारी के इंजेक्शन से मौत पर अभय दान क्या ?     आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगने के बाद 2 मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही ?

 

 

स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड, झोलाछाप के इंजेक्शन से मौत पर डॉक्टर को जेल, स्वास्थ्य कर्मचारी के इंजेक्शन से मौत पर अभय दान क्या ?

 

आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगने के बाद 2 मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही ?

 

 

 

 

 

न्यूज छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)

बिलासपुर – विगत कुछ दिनों पूर्व स्वास्थ्य विभाग कि कर्मचारी द्वारा बड़ी लापरवाही देखने को मिला है. जिसमे की कोटा क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र मे टीका लगने के बाद 2 बच्चों की मौत हो चुकी है. बताया जाता है कि कुल 7 बच्चों को टीका लगाया गया था. जिसमें से अब तक 2 बच्चों की जान जा चुकी है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बाकी पांच बच्चों को ऑब्जरवेशन के लिए सी. एच. सी में भर्ती किया गया है. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चुप्पी साध लिया है.

 

गौरतलब है कि कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पटैता कोरी पारा मे आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगाने से डेढ़ माह एवं 2 दिन के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. और कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई. आम जनता के बीच इस घटना को लेकर चर्चा हो रही है कि यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है जिसके वजह से दो बच्चों की जान चली गई.

 

 

स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड

छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का दोहरा मापदंड देखने को मिलता है. अगर बात किया जाए झोलाछाप डॉक्टर की तो इनके द्वारा अगर अगर इलाज के दरमियान किसी मरीज की मौत हो जाती है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा उस झोलाछाप डॉक्टर की विरुद्ध संबंधित थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाता है. पुलिस फिर विधिवत गिरफ्तारी कर जेल दाखिल करने के बाद मामले पर चालान तैयार कर कोर्ट में पेश करती है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की बात किया जाए तो उनकी लापरवाही से अगर किसी मरीज की जान जाती है तो उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं बनता है इसके अलावा बात करें विभागीय कार्यवाही को लेकर तो जांच के नाम पर खाना पूर्ति करना इनके लिए आम बात है.

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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