खेल एवं युवा कल्याण विभाग में बडा खेला कर अदना कर्मचारी बन बैठे अधिकारी, शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होना जांच अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान…..

खेल एवं युवा कल्याण विभाग में बडा खेला कर अदना कर्मचारी बन बैठे अधिकारी, शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होना जांच अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान…..

 

 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग में बडा खेला कर अदना कर्मचारी बन बैठे अधिकारी, शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होना जांच अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान…..

 

 

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष  साहू)

बिलासपुर – एक पुरानी कहावत है ऊपर वाला मेहरबान तो गधा भी पहलवान कहलाता है. कुछ ऐसा ही वाक्या खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ में सुनने को आ रही है. आरोप है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने चहेते कर्मचारियों को योजनाबद्ध तरीके से नियम को तोर मरोड़ के खेल अधिकारी बनवा दिया है. पूरे मामले को लेकर विभाग के संचालक, सचिव को शिकायत किया गया . लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है.

 

मनुष्य के जीवन में खेल महत्वपूर्ण स्थान रखता है. साथ ही खेल के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देकर खिलाड़ी अपने प्रदेश एवं देश का नाम संपूर्ण विश्व पर रोशन करते हैं. इसी विषय से जुड़े दूसरे पहलू में बात किया जाए तो गुरु के बिना शिक्षा प्राप्त करना कठिन है इसलिए प्रत्येक क्षेत्र में गुरु द्वारा दिए जाने वाला शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इसी क्रम में बात किया जाए तो खिलाड़ी को एक अच्छा मार्गदर्शक मिलने से उसके खेल कि प्रतिभा में निखार आता है. वही खिलाडी अपने गुरु के द्वारा दिए गए गुणों पर अमल करके खेल के मैदान में अच्छा प्रदर्शन करके सफलता की ऊंचाइयों को छूता है.

 

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग मे ऐसे गुरु को खेल अधिकारी कहा जाता है.जो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें खेल के मैदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु प्रेरित करता है. लेकिन वही अगर ऐसे कथित खेल अधिकारी जो स्वयं खेल कि असल परिभाषा को न जानता हो. तब वह प्रदेश के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को क्या उचित प्रशिक्षण दे पाएगा. दूसरा सवाल यह भी उठता है कि खेल अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाली कुर्सी पर क्या किसी अप्रशिक्षित विभाग के छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदारी दिया जाना कितना न्याय संगत है

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग पर बडा खेला करके कुछ कर्मचारी का खेल अधिकारी के पद पर नियुक्ति होने पर मामले मे संशय बना हुआ है. वही कुछ नियुक्ति को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने चहेते कर्मचारियों को योजनाबद्ध  तरीके से खेल अधिकारी बना दिया है. जिला रायपुर निवासी एक व्यक्ति ने साक्ष्य एवं प्रमाण के साथ विभाग के संचालक एवं अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायत किया है उन्होंने आरोप लगाया है कि सुशील कुमार अमलेश (सहायक ग्रेड 3 ) एवं गिरीश शुक्ला ( डाटा एंट्री ऑपरेटर ) के द्वारा गलत तरीके से खेल का प्रमाण पत्र प्राप्त कर खेल अधिकारी के पद पर नियुक्ति लिया है. देखना होगा कि मामले पर जांच अधिकारी कब तक जांच पूरी कर पाते हैं. समाचार के अगले अंक पर पाठको को बताएंगे कि खेल अधिकारी की नियुक्ति पर किस तरह योजनाबद्ध तरीके से खेल प्रमाण पत्र को हासिल करके खेल अधिकारी बनने के लिए एक बडा खेला किया गया है क्रमशः 2

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *