संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें विभाग से पदोन्नति फाईल गायब, महज इत्तेफाक या फिर कोई गहरी साजिश…..? पशु परिचारक दैनिक मजदूर से लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पदोन्नति में शामिल एक अभ्यर्थी का फाइल गायब….?
संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें विभाग से पदोन्नति फाईल गायब, महज इत्तेफाक या फिर कोई गहरी साजिश…..?
पशु परिचारक दैनिक मजदूर से लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पदोन्नति में शामिल एक अभ्यर्थी का फाइल गायब….?

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
बिलासपुर – संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें बिलासपुर विभाग मे पदोन्नति एवं कर्मचारी भर्ती को लेकर सदैव सुर्खियों में रहा है. जिसका मुख्य सरगना विभाग में लंबे समय से जमे कुछ मठाधीश बाबू एवं कर्मचारी है. जो कि अपनी कर गुजारी के दम पर रिश्ते नातेदार को फर्जी दस्तावेज के सहारे विभाग पर पदोन्नति एवं नौकरी लगाने का खेल करके बैठे हैं. जिला बिलासपुर में पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग तो एक वही मामले अनेक है. क्योंकि एक व्यक्ति ने अविभाजित मध्य प्रदेश के समय विभाग मे ड्यूटी के दरमियान अपने पुत्र को परिचारक दैनिक मजदूर के रूप में अधिकारियों से साथ गांठ कर विभाग मे कार्य करने हेतु नौकरी लगाया था. जिसे अपने रिटायरमेंट के पूर्व योजनाबद्ध तरीके से परमानेंट भी कर दिया.वही मामले से जुड़े संबंधित पदोन्नति एवं नियुक्ति के संबंध में जानकारी लेने पर विभाग से फाइल गायब होने की बात कह कर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. सवाल उठता है कि इतनी महत्वपूर्ण दस्तावेज को आसमान का गया कि जमीन निकल गई. यह बात तो विभाग पर पदस्थ जिम्मेदार शाखा प्रभारी बता सकते हैं. कि ईतनी महत्वपूर्ण पदोन्नति फाइल कब और कहां गायब हो गई.
इस विभाग में मध्य प्रदेश शासन काल से लेकर छत्तीसगढ़ गठन के बाद किए गए कर्मचारी भर्ती, पदोन्नति प्रक्रिया सदैव सुर्खियों में रहा है. बात किया जाए अविभाजित मध्य प्रदेश के दरमियां की तो बिलासपुर में वर्ष 1988 से 1992 तक के मध्य मे गठित संभागीय समिति द्वारा पशु परिचारक दैनिक मजदूर से निम्न श्रेणी लिपिक पद पर पदोन्नति किया गया था. इस दरमियान समिति के द्वारा विधिवत चयन सूची तैयार किया गया. वही विश्वसनीय सूत्र बताते है कि उक्त सूची में एक ऐसे शख्स का नाम शामिल किया गया रहा जो कि इस पद हेतु पात्रता ही नहीं रखता है. लेकिन अधिकारियों से सॉट – गांठ करके उक्त सूची में अपना नाम जुड़वा लिया. और आज के समय में वह व्यक्ति कार्यालय संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें बिलासपुर मे सहायक ग्रेड 3 के पद पर कार्य कर रहा है. मामले पर चर्चा है कि जिस समय विभाग में समिति के द्वारा पदोन्नति हेतु कार्यवाही किया गया. उस दरमियां उक्त पद को L.D.C (लोअर डिवीजन क्लर्क) हिंदी मे इस पद को निम्न श्रेणी लिपिक कहां जाता था. जिसमें कि उक्त पद कि पात्रता हेतु उस दरमियां कक्षा 11वीं एवं 12वीं पास होना अनिवार्य माना जाता था.वही विश्वसनीय सूत्र का दावा हैं कि वर्ष 1988 से 1992 तक के मध्य में इस पद हेतु योजना बंद तरीके से तथ्यों को छिपा कर एक ऐसे व्यक्ति का चयन किया गया जो कि उक्त भर्ती प्रक्रिया के दरमियान 11 वीं पास ही नहीं था. मामले पर यह भी चर्चा है कि आनंन फानन में भाई साहब ने अपने आप को पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने हेतु विभाग मे फर्जी अंकसूची जमा किया है. जिसमें कि अपने द्वारा जमा किए गए अंक सूची के अनुसार स्वयं को राजेंद्र नगर बिलासपुर स्कूल एवं भोपाल बोर्ड से उत्तीर्ण होना बताता है. क्रमशः 2
