जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायतो पर रीपा प्रोजेक्ट के तहत खरीदी में जमकर भ्रष्टाचार, मामले की जांच कराएगी क्या नई सरकार
जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायतो पर रीपा प्रोजेक्ट के तहत खरीदी में जमकर भ्रष्टाचार, मामले की जांच कराएगी क्या नई सरकार

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर – जनपद पंचायत कोटा के अंतर्गत कुछ ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ( रीपा ) के तहत उपकरण क्रय किया गया है.जिसमें कि सातीराना अंदाज में योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया. अगर पूरी खरीदी पर जांच किया जाए तो लाखो रुपय का एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है .
हमारे भारत देश में महिलाओं को सशक्त बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है. शिक्षा व्यवस्था से लेकर रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार नई-नई योजनाएं संचालित कर रही है.केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार भी अपने स्तर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए विशेष ध्यान देती है. इसी तारतमय के तहत छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस के कार्यकाल पर रिपा प्रोजेक्ट के तहत कार्ययोजना संचालित किया गया. जिसमें महिलाओं को रोजगार देने का प्रयास किया गया. लेकिन वह योजना अब भगवान भरोसे हो चुकी है. पूर्ववर्ती सरकार ने महिला समूह को शून्य प्रतिशत पर लोन देकर कार्य की शुरूआत किया था. जिसमें कि उपकरण खरीदी के नाम पर जिम्मेदार सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया. और उक्त राशि का अनाप-शनाप बिल बनाकर बंदर बाट किया गया अगर मामले की जांच किया गया तो एक बड़ा खुलासा हो सकता है.
गौरतलब है कि वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. जिसकी महत्वपूर्ण योजनाओं में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ( रीपा ) सम्मिलित रही. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना था. इस योजना से महिला समूह कितनी सशक्त हुई बता पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन रिपा के तहत क्रय किए गए उपकरणों से जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी जरूर सशक्त हो चुके हैं.
गौरतलब है की उक्त योजना के तहत जिला बिलासपुर के जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत रानी गांव में दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित किया गया. और इस यूनिट को संचालित करने के लिए 10 महिलाओं की एक समूह को जिम्मेदारी दि गई. जिसे उन महिलाओ ने बखूबी निभाया लेकिन समूह की महिलाओं को नहीं पता कि उनके आड़ में कुछ भ्रष्टाचार्यों ने अपना कमीशन खोरी का खेल बड़े स्तर पर खेला है.

दरअसल जिस दर पर उपकरण खरीदी किया जाना बताया जा रहा है वह खुले बाजार से बहुत ही अधिक है सूचना का अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार ब्लू स्टार कंपनी का रेफ्रिजरेटर को 2 लाख 99 हजार 9सौ रुपए मे टैक्स सहित खरीदी करना बताया गया जबकि खुले बाजार में इस सामग्री की कीमत मात्र 32 हजार रुपए बताई जा रही है. इस तरह से उक्त उपकरण को 8 गुना अधिक दाम देकर क्रय किया गया.

इसी तरह खोवा, घी, पनीर मेकिंग मशीन 2,लाख 40 हजार रुपए मे टैक्स सहित क्रय किया गया जिसका बाजार मूल्य 130 लीटर कि कीमत मात्र 85 हजार मे उपलब्ध है इस उपकरण को वास्तविक मूल्य से लगभग 2 गुना अधिक दाम देकर खरीदी किया गया.


वही बीएमसी यूनिट एवं मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट को 14 लाख 80 हजार रुपए में सभी प्रकार के टैक्स सहित क्रय किया गया जबकि मार्केट में इसकी वास्तविक मूल्य 7 लाख 9 हजार 3 सौ 45 रुपय होना बताया जा रहा है इस तरह से दोगुनी दम पर इस उपकरण को भी खरीदा गया है.
अगर मामले की गंभीरता से जांच किया जाए तो इस दुग्ध प्रसंस्करण इकाई यूनिट पर लाखों रुपए की भ्रष्टाचार उजागर होंगे. इसी कड़ी पर समाचार के अगले अंक में हम अपने पाठकों को बताएंगे HDPE बैग यूनिट पर किए गए भ्रष्टाचार की कहानी…… क्रमशः …. 2

