चेपा खनिज जाँच चौकी में कोयला गाड़ियों से अवैध वसूली का खेल, कर्मचारी तो मोहरा असल खिलाड़ी कौन ?

चेपा खनिज जाँच चौकी में कोयला गाड़ियों से अवैध वसूली का खेल, कर्मचारी तो मोहरा असल खिलाड़ी कौन ?

चेपा खनिज जाँच चौकी में कोयला गाड़ियों से अवैध वसूली का खेल, कर्मचारी तो मोहरा असल खिलाड़ी कौन ?

 

 

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)

कोरबा – जिला के पाली ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चेपा में स्थित खनिज जाँच चौकी में प्रत्येक गाड़ियों से अवैध वसूली का खेल लंबे समय से खेला जा रहा है. जिसमें सिपाही से लेकर साहब तक हिस्सा पहुंचने  की चर्चा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किसकी सरपरस्ती यह अवैध वसूली का खेल दिनदहाड़े खुलेआम  खेला जा रहा है। खनिज विभाग का छोटा कर्मचारी अगर डंके की चोट पर कह रहा है कि यहां पहले से सिस्टम बना हुआ है तो निश्चित ही विषय जांच का है। आखिर कौन-कौन इस अवैध कमाई के पीछे अपनी भूमिका निभाकर अवैध वसूली का मलाई खा रहे हैं।

 

जिला कोरबा के अंतर्गत जनपद पंचायत पाली के ग्राम पंचायत चेपा में स्थित खनिज जाँच चौकी में पदस्थ खनिज विभाग के कर्मचारी एवं  प्रभारी अधिकारी अवैध वसूली कार्य में मशगूल है. खनिज जाँच चौकी पास से गुजरने वाले प्रतिदिन सैकड़ो गाड़ियों से अवैध वसूली करने की शिकायत लंबे समय से चर्चा में है। खबर की पड़ताल करने 22 सितंबर (सोमवार) को मीडिया ग्राम पंचायत चेपा में स्थित खनिज जॉच चौकी पहुंची. तब मौके पर देखा गया कि खनिज जांच चौकी में बैठा एक कर्मचारी जो अपना बारे में बताते हुए कह रहा था कि मैं यहा पिछले एक माह से आया हूं. उक्त कर्मचारी के बारे में पता करने पर पता चला कि उसे व्यक्ति को नवरंग सरनेम से जानते हैं।

 

 

 

 

श्री नवरंग को कैमरा में देखा जा सकता है. कि वह प्रत्येक कोयला गड़ियों के ड्राइवर को पर्ची पर सील ठप्पा लगाकर दे रहा है. जिसकी ऐवज में प्रत्येक ड्राइवर से अलग-अलग राशि नवरंग द्वारा वसूली की जा रही है. कैमरे में कैद दृश्य को देखा जा सकता है कि किसी ड्राइवर से 20 रुपए , 50 एवं 100 रुपए तक कि अवैध वसूली की जा रही है. अवैध वसूली का यह सारा दृश्य कैमरे पर साफ साफ देखा जा सकता है. मामले को लेकर मौके पर बैठकर अवैध वसूली करने वाले श्री नवरंग से चर्चा किया गया तब उनका कहना था कि यह व्यवस्था बनी हुई है. हमारे प्रभारी संजीव लहरे को भी इस बात की जानकारी है. क्योंकि ऊपर भी हिस्सा पहुंचाया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है। खनिज विभाग का एक छोटा सा कर्मचारी अवैध वसूली करने के बाद डंके की चोट पर कहता है कि इसमें ऊपर वालों का भी हिस्सा देना होता है. तब तो यह गंभीर विषय में प्रशासन को आवश्यकता है कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच करावे कि नवरंग साहब कि बातों पर कितनी सच्चाई है. यह तो समाचार वायरल होने के बाद खनिज विभाग के अधिकारी कि जॉच एवं कार्यवाही का स्तर ही बताएगा।

 

 

अगर इस अवैध वसूली का हिस्सा कोरबा जिला में बैठे अधिकारी को पहुंच रहा होगा तो निश्चित ही यह मामला ठंडा बस्ता में योजना पर तरीके से डाल दिया जाएगा। और अगर अधिकारी पाक – साफ होंगे तो समाचार में दिख रहे वीडियो पर संज्ञान लेकर निष्पक्षता के साथ जाँच एवं कार्यवाही करेंगे

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *