अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन के मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल की सजा!

अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन के मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल की सजा!

अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन के मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल की सजा!

 

 

खनिज विभाग के अधिकारियों की मेहनत लाई रंग, कोर्ट ने आरोपियों को सजा के साथ 25 हजार का लगाया जुर्माना

 

 

 

बिलासपुर- अरपा नदी से अवैध रूप से रेत उत्खनन कर चोरी और परिवहन करने के मामले में बिलासपुर के विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 13 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, बिलासपुर की अदालत ने सुनाया।

प्राप्त जानकारी एवं न्यायालयीन निर्णय के अनुसार, मामला कोटा थाना क्षेत्र के लारीपारा घाट स्थित अरपा नदी से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि 16 जून 2025 को सुबह करीब 8:40 बजे आरोपियों ने बिना वैध अनुमति के नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर चोरी की और वाहन के माध्यम से उसका परिवहन किया।

इस मामले में आरोपी सुरेंद्र कुमार कुर्रे (39 वर्ष), निवासी तुकड़ीह, थाना कोनी, जिला बिलासपुर, तथा विजय बघेल (47 वर्ष), निवासी नरौतीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर को आरोपी बनाया गया था। प्रकरण में जब्तशुदा ट्रैक्टर क्रमांक CG-10-AV-9417 और ट्रॉली क्रमांक CG-10-BU-2339 का भी उल्लेख न्यायालयीन आदेश में किया गया है।

भारतीय न्याय संहिता और खनिज कानून के तहत सजा

न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2) सहपठित धारा 3(5) के अंतर्गत तीन वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 15 दिन के अतिरिक्त कठोर कारावास का प्रावधान भी आदेश में दर्ज है।

इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1), 4(1क) के उल्लंघन के संबंध में अधिनियम की धारा 21 के तहत दोनों आरोपियों पर अलग-अलग ₹25,000 का अर्थदंड लगाया गया है। इस अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर भी 15 दिन के अतिरिक्त कठोर कारावास का उल्लेख है।

इस प्रकार, आदेश के अनुसार प्रत्येक आरोपी पर कुल 25 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। दोनों आरोपियों को सजा सुनाने के साथ न्यायालय ने जब्तशुदा वाहनों और संपत्तियों के संबंध में भी कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अवैध खनन पर कार्यवाही का संदेश

अरपा नदी से रेत के अवैध उत्खनन का यह मामला खनिज संपदा के संरक्षण और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट है कि बिना वैध अनुमति खनिज उत्खनन और परिवहन के मामलों में संबंधित कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है. न्यायालय के निर्णय आने के बाद खनिज विभाग और सजगता से जाँच एवं कार्यवाही करेगा. दो आरोपियों को इस तरह से सजा दिलाना खनिज विभाग के लिए निश्चित ही एक बड़ी उपलब्धि है.

 

 

 

 

 

 

 

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

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