चुचहियापारा गणेश नगर स्कूल में व्यवस्थाओं पर सवाल.. जमीन तक झुकी बिजली केबल, बच्चों के साथ अप्रिय घटना की संभावना, बिजली विभाग को मौका जाँच कि आवश्यकता ! गणेश नगर स्कूल में 152 से घटकर 128 हुई विद्यार्थियों की संख्या
चुचहियापारा गणेश नगर स्कूल में व्यवस्थाओं पर सवाल..
जमीन तक झुकी बिजली केबल, बच्चों के साथ अप्रिय घटना की संभावना, बिजली विभाग को मौका जाँच कि आवश्यकता !
गणेश नगर स्कूल में 152 से घटकर 128 हुई विद्यार्थियों की संख्या
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर – शहर से लगे क्षेत्र चुचहियापारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला चुचहियापारा एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गणेश नगर में बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल परिसर मे मीडिया पड़ताल के दौरान टूटी बाउंड्रीवॉल, पशुओं की आवाजाही, नीचे झुकी बिजली केबल और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। वहीं, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और अध्यापन व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी महसूस होती है।
टूटी बाउंड्रीवॉल से परिसर में पशुओं की आवाजाही
पड़ताल के दौरान परिसर में गाय और अन्य पशु घूमते दिखाई दिए। बाउंड्रीवॉल के क्षतिग्रस्त हिस्सों से पशुओं के प्रवेश का रास्ता बना हुआ है। इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका है। सवाल यह है कि बाउंड्रीवॉल लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के बावजूद शाला प्रबंधन और शाला समिति ने इसकी मरम्मत के लिए अब तक क्या पहल की है. संबंधित विभाग को मांग भेजी गई है या नहीं, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी जरूरी
शिक्षकों से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों को मध्यान्ह भोजन सेंट्रल किचन से उपलब्ध कराया जाता है। पड़ताल के दौरान भोजन की एक थाली भी देखी गई। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। संबंधित विभाग को निर्धारित मेन्यू, भोजन की गुणवत्ता और नियमित जांच की व्यवस्था स्पष्ट करनी चाहिए।
स्कूल में 152 से घटकर 128 रह गई विद्यार्थियों की संख्या
शिक्षकों के अनुसार, पहले स्कूल में 152 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, जिनकी संख्या अब घटकर 128 रह गई है। इसका कारण रेलवे क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वहां रहने वाले परिवारों का अन्यत्र स्थानांतरित होना बताया गया। नामांकन रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में एक प्रधान पाठिका, दो शिक्षिकाएं और एक शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें से एक शिक्षिका तारबाहर संकुल समन्वयक की जिम्मेदारी भी संभालती हैं। बताया गया कि उनके पास शासकीय और निजी स्कूलों सहित 39 स्कूलों के समन्वय का दायित्व है। ऐसे में नियमित अध्यापन के लिए उपलब्ध समय और कार्य-विभाजन की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
जमीन तक झुकी बिजली केबल, बच्चों के साथ अप्रिय घटना होने की संभावना, बिजली विभाग को सजक होने की आवश्यकता !
स्कूल के प्रवेश द्वार के पास बिजली के खंभे से जुड़ी केबल नीचे की ओर झुकी दिखाई दी। आसपास तारों का जाल भी नजर आया। बच्चों की आवाजाही वाले स्थान पर ऐसी स्थिति को देखते हुए संबंधित बिजली विभाग से केबल की तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार की अपेक्षा है। विद्युत प्रवाह की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए वास्तविक खतरे का आकलन तकनीकी जांच के बाद ही किया जा सकता है।
शिक्षकों ने व्यवस्थाओं को बताया बेहतर
पड़ताल के समय शाला कार्यालय में दो शिक्षक मौजूद थे। व्यवस्थाओं के संबंध में पूछने पर उन्होंने स्कूल की व्यवस्था और अध्यापन को बेहतर बताया। दूसरी ओर, परिसर में दिखाई दी स्थितियों को देखते हुए बाउंड्रीवॉल की मरम्मत, साफ-सफाई, पशुओं की आवाजाही पर नियंत्रण और बिजली के तारों की जांच आवश्यक प्रतीत होती है।
अब सवाल यह है कि शाला समिति, स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं। बच्चों को सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ परिसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा तथा समयबद्ध सुधार जरूरी हैं।