हिंद एनर्जी एंड कोलवासरी बेनिफिसरी इंडिया कि आयोजित जनसुनवाई को निरस्त करने जनप्रतिनिधियों ने किया शिकायत
हिंद एनर्जी एंड कोलवासरी बेनिफिसरी इंडिया कि आयोजित जनसुनवाई को निरस्त करने जनप्रतिनिधियों ने किया शिकायत

न्यूज छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
बिलासपुर – हिंद एनर्जी एंड कोलवासरी बेनिफिसरी इंडिया का जनसुनवाई मार्च माह में आयोजित किया गया है. जिसको लेकर जनप्रतिनिधियो मे आक्रोश देखा जा रहा है. उक्त कोल वासरी से होने वाली परेशानियों को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया है.
गौरतलब है कि 6 मार्च 2024 को उक्त कोलवासरी का यूनिट विस्तार हेतु जनसुनवाई आयोजित है. जिसको लेकर जन प्रतिनिधियों के द्वारा जिला कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष लिखित शिकायत किया गया है. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 में जे.के इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई थी शैक्षणिक संस्था के बगल में कोल वासरी खोलना असंवैधानिक है इसके खिलाफ न्यायालय से कार्यवाही हेतु आदेश प्राप्त हुआ था और वासरी को बंद किया जाना रहा बावजूद उसके अब तक यह संचालित है आगे उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि हिन्द कोल वासरी ग्राम गतौरा में स्थापित की गई है कोल वासरी के समीप आबादी क्षेत्र है जहां पर रहवासी कोल डस्ट के कारण बीमारी का शिकार हो रहे हैं साथ हि कृषि कार्य की दृष्टि से जमीन कि उपजाऊ पन मे कमी आई है. मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एवं पर्यावरण की दृष्टिकोण से यूनिट का विस्तार न करने की अपील किया गया है.

वही जिस कंसलटेंट कंपनी के द्वारा पी. आई. ए रिपोर्ट बनाया गया है उस रिपोर्ट को शिकायतकर्ताओं के द्वारा फर्जी बताया जा रहा है शिकायत पत्र पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि हिन्द कोल वासरी की भूमि का डायवर्सन व्यावसायिक किया गया है डायवर्सन कराते वक्त वासरी संचालक के द्वारा डायवर्सन शाखा में 40 फीट की रोड बताई गई है जबकि यहां सड़क प्रधानमंत्री योजना के तहत बनी है इसकी चौड़ाई महज 6 मीटर है गलत जानकारी देकर उक्त भूमि का डायवर्सन करना बताया जा रहा है. उक्त प्रधानमंत्री सड़क योजना का भार क्षमता मात्र 6 – 12 टन के आसपास होना बताया जा रहा है जबकि कोयले से भारी वाहनों का वजन 12 टन से अधिक होता है इस तरह से कई कमियां बात कर 6 मार्च 2024 को कि जाने वाली जनसुनवाई को निरस्त करने के लिए लिखित शिकायत किया गया है शिकायतकर्ताओं में ग्राम पंचायत मोहतरा सरपंच, भदौरा सरपंच, खुडूभाटा सरपंच, जयराम नगर सरपंच सम्मिलित है. वही जनसुनवाई को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप अग्रवाल का कहना है कि अगर उक्त जनसुनवाई को निरस्त नहीं किया जाता है तो निश्चित ही एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी.

