बाल संप्रेक्षण गृह अधीक्षिका कि गैर मौजूदगी में नाबालिग फरार
बाल संप्रेक्षण गृह अधीक्षिका कि गैर मौजूदगी में नाबालिग फरार

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
बिलासपुर- महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाले बाल संप्रेक्षण गृह जिला बिलासपुर से एक नाबालिग युवक के फरार होने की खबर आ रही है। उक्त नाबालिक युवक किस तरह से फरार हुआ यह जांच का विषय है फिलहाल मामले की जानकारी से संबंधित थाने को अवगत कराया गया है
गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बाल संप्रेक्षण गृह सरकंडा बिलासपुर में स्थित है जहा पर मंगलवार कि सुबह लगभग 9:30 बजे बाल संप्रेक्षण गृह से एक नाबालिग युवक फरार हो गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वह नाबालिक युवक लगभग 4 दिन पूर्व गौरेला पेंड्रा मरवाही थाना से लूटपाट के आरोप मे बाल संप्रेषण गृह बिलासपुर पर लाया गया था. जो कि संस्था मे कार्यरत कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो चुका है
संस्था कि अधीक्षिका अर्चना चौहान से मामले पर जानकारी लिया गया तब उनका कहना है कि वह बच्चा तीन-चार दिन पूर्व आया था. घटना दिनांक के वक्त वह लड़का नहा कर कपड़ा धो रहा था इसी बीच अंदर की दीवार से ऊपर छत में जाकर कहीं चला गया है. सुरक्षा के संबंध में जानकारी लेने पर उनका कहना था कि दो गार्ड ड्यूटी पर है जिसमें से एक की छुट्टी होने का समय हो गया था और ताला लगाया जा रहा था इसी बीच यह घटना घटी है.
बाल संप्रेषण गृह अधीक्षका संस्था से अक्सर रहती है नदारत
बाल संप्रेषण गृह की अधीक्षक अर्चना चौहान घटना के उक्त अपने संस्था पर मौजूद नहीं थी. सूत्रों से हवाले से खबर है कि वह अक्सर संस्था से नदारद रहती है. घटना दिनांक को भी यही हाल रहा. नाबालिक युवक की फरार होने की सूचना पर लगभग 15-20 मिनट बाद अधीक्षका अपने संस्था पर पहुंची. घटना के संबंध में मीडिया ने जब जानकारी लिया तब उन्होंने भी स्वीकार किया कि वह संस्था पर नहीं थी सूचना मिलने पर वह आनंन फानन में कार्यालय पहुंची
यहां पर सवाल उठता है कि इतने संवेदनशील जगह पर ड्यूटी होने के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी कैसे नदारद रह सकता है. अगर इसी बीच किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी. बहरहाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर वरिष्ठ अधिकारी किस तरह संज्ञान लेते हैं.

