लोकसभा प्रत्याशी तोखन साहू के लिए राह नहीं आसान…. विधायक बंगले पर बैठे चपरासी स्वयं को समझने लगे भावी मंत्री का निज सचिव    विधायक जी के बंगले मे चाय से ज्यादा केटली गरम क्या ….

लोकसभा प्रत्याशी तोखन साहू के लिए राह नहीं आसान…. विधायक बंगले पर बैठे चपरासी स्वयं को समझने लगे भावी मंत्री का निज सचिव      विधायक जी के बंगले मे चाय से ज्यादा केटली गरम क्या ….

लोकसभा प्रत्याशी तोखन साहू के लिए राह नहीं आसान…. विधायक बंगले पर बैठे चपरासी स्वयं को समझने लगे भावी मंत्री का निज सचिव

 विधायक जी के बंगले मे चाय से ज्यादा केटली गरम क्या ….
न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे ( संतोष साहू  )
बिलासपुर – लोकसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस की जीत-हार  के अलावा छत्तीसगढ़ प्रदेश में कुछ विधायकों के मंत्री बनने की संभावना के कारण भी  भाजपा खेमे में  अतिरिक्त सक्रियता देखी जा रही है. विधायक को कैबिनेट दर्जा मिलेगा यहां पर मंत्री बनेंगे  वह तो भविष्य बताएगा. उसके पहले ही उनके कुछ किचन समर्थक स्वयं को मंत्री ही समझने लगे हैं. उनकी सामाजिक व्यवहार एवं बॉडी लैंग्वेज से  जनता दूर होते नजर आ  रही  है दूसरी तरफ विधायक साहब जी तोड़ मेहनत कर अपना परफॉर्मेंस अच्छा देने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन उनकी मेहनत पर  पानी फिरने कि  संभावना  नजर आ रही है अगर उनकी विधानसभा क्षेत्र से लोकसभा प्रत्याशी  उम्मीद से कम  वोट प्राप्त करता है तो विधायक जी मंत्री बनने का जतन अधूरा रह जाएगा
वही बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के पड़ोसी मध्यप्रदेश में  दूसरे राउंड की वोटिंग के बाद केंद्री गृहमंत्री ने ठीक प्रदर्शन न करने वाले विधायकों  को खुली चेतावनी दी है और 4 जून के बाद हिसाब किताब करने भी कहा है.  छत्तीसगढ़ में कुल 11 लोकसभा सीट  हैं.  बिलासपुर को भाजपा का गढ़ माना जाता है  इस बात की मंत्रिमंडल में खूब चर्चा है कि वर्ष 2023 कि विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद बिलासपुर जिले से किसी को भी मंत्री होने का गौरव प्राप्त नहीं हुआ. जबकि पूर्व में बिलासपुर जिले की विधानसभा सीट बिलासपुर और बिल्हा को  रमन मंत्रिमंडल के समय बड़ा प्रोटोकॉल हासिल था.  उनके इस भौकाल  को देखकर  कुछ समर्थक 2023 के चुनाव में भी  जीतने के बाद मंत्री पद का सपना संजोलिया थे. बंगले के बाहर और जब तक शपथ ग्रहण नहीं हुवा  इस किचन केबिनेट के सिर पर लाल बत्ती नजर आती थी जीब  तो ऐसे चलती थी जैसे सायरन पर जैसे ही छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का  चयन किया गया  उसके बाद पता चल गया की भैया के भाग्य  में फिलहाल मंत्री पद नहीं है.वही  लोकसभा चुनाव में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है
इधर बंगले के एक किचन कार्यकर्ता की छवि तो  इतनी खराब हो चुकी है कि आम मतदाता के घर कि घंटी बजाने की हिम्मत इनके पास  नहीं है. इस भीषण गर्मी मे बंगले पर रहकर एसी  का आनंद उठाने मे व्यस्त है अगर इतनी  गर्मी में बाहर जाएंगे तो दस्त की चिंता हो जाएगी  ऐसे में कहीं गीर पड़े तो वीर कहलायेंगे…

संतोष साहू मोबाइल. +919827329895

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *