संचालक महिला बाल विकास के आदेश पर भ्रष्ट अधिकारी ने लौटाई राशि सेवा निवृत्त जिला महिला बाल विकास अधिकारी से शासन ने किया लाखों की वसूली
सेवा निवृत्त जिला महिला बाल विकास अधिकारी से शासन ने किया लाखों की वसूली

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर – महिला एवं बाल विकास विभाग कि परियोजना अधिकारी ने पद स्थापना के दौरान निजी लाभ के लिए फर्जी बिल पर लाखों रुपए का भुगतान किया था । मामले पर लगातार खबरें प्रकाशित होने एवं शिकायत उपरांत जांच किया गया जो कि शिकायत सही पाई गई. जांच अधिकारी ने संपूर्ण दस्तावेज विभाग मे जमा किया फिर जिला के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा प्रतिवेदन मंत्रालय को भेजा गया उक्त प्रतिवेदन से भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई. विगत कुछ दिनों पहले मामले पर मंत्रालय के आदेश से विभाग के संचालक ने राशि वसूली के संबंध मे रिकवरी हेतू पत्र प्रेषित कर तत्कालीन परियोजना अधिकारी को आदेश दिया था.
छत्तीसगढ़ प्रदेश में सरकार बदलने के बाद महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार कि वसूली का संभवतः यह पहला मामला है.जिसमे किए गए लाखों रुपए के भ्रष्टाचार कि राशि को वसूला गया है गौरतलब है कि बिलासपुर महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकंडा, बिल्हा – 2 संचालित है। जहां पर तत्कालीन परियोजना अधिकारी रीना बाजपेई के द्वारा निजी लाभ के लिए फर्जी बिल के माध्यम से लाखों रुपए का भुगतान किया गया । बताया जाता है कि उक्त भुगतान परियोजना अधिकारी ने क्षेत्र में दौरे के लिए वाहन का प्रयोग करने के एवज में श्रीवास्तव टूर एंड ट्रेवल्स को किया था यह कि कुल 4 लाख 22 हजार एक सौ रुपए का 15 किस्त में भुगतान किया जाना बताया जा रहा है।
इस भ्रष्टाचार के पूरे मामले को लेकर दिनांक 15.12.20222 को शिकायत किया गया था शिकायत में उल्लेख किया गया कि 4 लाख 22 हजार 1 सौ रुपए का भुगतान निजी लाभ पहुंचाने के लिए गलत तरीके से किया गया है मामले पर जिला महिला बाल विकास अधिकारी उमाशंकर गुप्ता ने जांच कर विभाग को अपना प्रतिवेदन दिया और फिर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने सम्पूर्ण जांच प्रतिवेदन तैयार कर संचालनालय को भेजा जिसके बाद विधिवत संचालनालय से पूरी प्रकरण मंत्रालय भेजा गया. छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से दिनांक 17.8.2023 को कारण बताओं नोटिस तत्कालीन परियोजना अधिकारी रीना बाजपेई को प्रेषित किया गया जिसका जवाब उन्होंने दिया लेकिन उक्त जवाब अनुशीलन उपरांत समाधानकार नही पाया गया. उसके बाद 10 मई 2024 को तुलिका प्रजापति संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग नवा रायपुर ने रीना बाजपेई तत्कालीन परियोजना अधिकारी / सेवानिवृत्ति जिला महिला बाल विकास अधिकारी जिला शक्ति को पत्र प्रेषित कर 4 लाख 22 हजार 1 सौ रुपय 15 दिवस के भीतर जमा करने का आदेश जारी किया था उक्त आदेश पर रीना बाजपेई ने चालान के माध्यम से दिनांक 14 मई 2024 को संपूर्ण राशि एक मुस्त जमा किया है.

