कोरोना काल के समय सेवा पर लगी बसों की भुगतान मे फर्जीवाड़ा का आरोप, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय मे पदस्थ तत्कालीन बाबू की भूमिका संदिग्ध
कोरोना काल के समय सेवा पर लगी बसों की भुगतान मे फर्जीवाड़ा का आरोप, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय मे पदस्थ तत्कालीन बाबू की भूमिका संदिग्ध

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे ( संतोष साहू )
बिलासपुर – कोरोना काल के समय मजदूरों के परिवहन पर लगे बसों के लंबित भुगतान पर फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश मे आया है जिसको लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष लिखिए शिकायत कि गई है. मामले पर बहुत जल्द जांच होने की चर्चा हो रही है.
हमारे देश में वर्ष 2020 को कोरोनावायरस महामारी से त्रासदी हुई थी. यह समय भारत देश हि नहीं संपूर्ण विश्व के लिए विपरीत परिस्थिति रही. इस बीमारी से बड़ी संख्या में लोग मारे गए. बताया जाता है कि यह बीमारी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क पर आने वाले अन्य लोगों को भी प्रभावित कर रही थी. जिसको देखते हुए एयरपोर्ट, एवं विदेश यात्रा से संबंधित सुविधाओं पर सर्वप्रथम प्रतिबंध लगाया गया. फिर भारत देश ने एक राज्य, से दूसरे राज्य एवं एक जिला से दूसरे जिला जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था.इस दरमियान देखा गया कि कुछ लोग पढ़ाई, व्यापार के लिए भी बाहर गए हुए थे जिन्हें सुरक्षित उनके निवास स्थान पर पहुंचाया गया. इसके अलावा यहां भी देखा गया कि मजदूर श्रेणी के लोग ईंट भट्ठा, एवं अन्य संस्थाओं पर कार्य करने के लिए प्रदेश से बाहर गए थे जिनकी वापसी के लिए सरकार ने न्यायालय के आदेश पर व्यवस्था किया था.
इसी व्यवस्था के तहत बस संचालकों ने अपनी सेवाएं दिया.वही
प्रयागराज सर्विस के संचालक खुर्शीद अहमद ने अपने संस्था के माध्यम से कोरोना काल के दरमियान बाहर से मजदूरों को बस में परिवहन किया. जिसके भुगतान को लेकर वाहन मालिक ने बिलासपुर आरटीओ पर पदस्थ तत्कालीन बाबू पर गंभीर आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता खुर्शीद अहमद के अनुसार कुछ बस ऑपरेटर ने क्षेत्रीय परिवहन विभाग बिलासपुर पर पदस्थ तत्कालीन बाबू हीरा ध्रुव से साथ गांठ कर उक्त अवधि पर बस का संचालन किए बिना बिल का भुगतान प्राप्त किया. खुर्शीद अहमद ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ बस ऑपरेटरों ने प्रवासी मजदूर को लाने के लिए एक चक्कर बस संचालित किया और कई चक्कर का बिल बनवाकर राशि आहरण किया है. इस कार्य में बस ऑपरेटरो ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय बिलासपुर के अधिकारी एवं बाबू से साठ गांठ कर सुविधा शुल्क का उपयोग करके अधिक राशि भुगतान कर शासन को लाखों रुपए कि क्षति होना बताया गया है.
उदाहरण के तौर पर शिकायतकर्ता ने बताया कि वाहन क्रमांक cg10 g 1342 एवं cg10 g 1607 जो कि 32 सीटर एवं 36 सीटर बसे हैं. यह बसें क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय बिलासपुर में रमेश कुमार यादव के नाम से पंजीकृत है. कोरोना काल के दौरान इन दो बसों का उपयोग कर प्रवासी मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाया गया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इनमें से वाहन क्रमांक cg10 g 1342 का भुगतान वाहन स्वामी को किया. वही दूसरा वाहन क्रमांक cg10 g 1607 का भुगतान वाहन स्वामी को ना कर राकेश कुर्रे एवं अन्य लोगों के नाम पर भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है. बहरहाल देखने वाली बात होगी कि इस मामले पर कब तक जांच हो पाती है.
आनंद रूप तिवारी (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी)
मैं तीन दिन पूर्व ही चार्ज लिया हूं. अगर शिकायत किया गया है तो मामले की जांच कर विधिवत कार्यवाही किया जाएगा.

