राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या पत्रकारों के सवाल का दिया गोलमोल जवाब आदिवासी समुदाय का अहित करने वाली फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारको के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने के सवाल पर आर्या जी झांकने लगे बगले !
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या पत्रकारों के सवाल का दिया गोलमोल जवाब
आदिवासी समुदाय का अहित करने वाली फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारको के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने के सवाल पर आर्या जी झांकने लगे बगले !

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
बिलासपुर – सोमवार 15 सितंबर को मंथन सभाकक्ष मे शाम 5.30 बजे प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें बिलासपुर जिला के दौरे पर पहुंचे राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्या (केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा) प्रेसवार्ता को संबोधित किया. इस दरमियान उन्होंने शासन की योजनाएं, आदिवासियों के विकास, संविधान अधिकार, पर अपनी बात रखी. इसके बाद पत्रकारों के द्वारा सवाल पूछा गया. जिसमें पेशा एक्ट, धर्मांतरण, एवं अन्य योजनाओं से संबंधित सवाल पूछने पर उन्होंने जवाब गोलमाल तरीके से दिया.
छत्तीसगढ़ प्रदेश में गैर आदिवासियों द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र की बदौलत नौकरी करने के मामले में सवाल पूछा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में शिकायत करने के बाद जांच में प्रमाणित होने के उपरांत भी कार्यवाही क्यों नहीं किया जाता है. आखिर इन फर्जी जाति प्रमाण पत्र धाराको को किसका संरक्षण प्राप्त है. इस सवाल पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्या कुछ बोलने से बचते रहे. और बगले झांकने लगे. दोबारा प्रश्न दोहराने पर उन्होंने दबे धीरे स्वर में कहा कि प्रमाणित होता है तो कार्यवाही किया जाना चाहिए.
गौरतलब कि छत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय से तालुक रखते हैं लेकिन बड़ी विडम्बना की बात है कि ऐसे कई फर्जी जाति धारक है जो आदिवासी होने का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर लंबे समय से नौकरी करते आ रहे हैं. जिसकी शिकायत प्रमाणित होने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो पाई है. जिसका ताज़ा उदाहरण जिला बिलासपुर सहकारिता विभाग में सहकारिता विस्तार अधिकारी पद पर पदस्थ गोपाल प्रसाद बिंद को देखा जा सकता है. उनके खिलाफ किए गए शिकायत प्रमाणित होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है. बहरहाल देखने वाली बात होगी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्या जी के दौरे से आदिवासी समुदाय को कितनी न्याय मिलती है.

