ग्राम पंचायत गुड्डी के पंच ने किया शासकीय जमीन पर कब्ज़ा, मामले पर जांच कि आवश्यकता
ग्राम पंचायत गुड्डी के पंच ने किया शासकीय जमीन पर कब्ज़ा, मामले पर जांच कि आवश्यकता

बिलासपुर – अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गुड़ी मे शासकीय जमीन को योजनाबद्ध तरीके से एक पंच के द्वारा कब्जा कर हड़पने का प्रयास प्रयास किया जा रहा है पूरे मामले को लेकर स्थानीय व्यक्ति ने शिकायत किया है जिसमें बहुत जल्द जांच किए जाने की संभावना बताई जा रही है. पंचायती राज अधिनियम के जानकारो का कहना है कि अगर शिकायत सही पाई जाती है तो पंच साहब की कुर्सी भी खतरे में आ सकती है.
ग्राम पंचायत गुड्डी मे शासकीय भूमि जिसका खसरा क्रमांक 975 /1 के नाम पर दर्ज है उक्त भूमि पर कब्ज़ा के सम्बन्ध मे ग्रामीण ओमप्रकाश लोनीया ने जिला कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष लिखित शिकायत किया है. जिसमें आरोप लगाया गया है कि गांव के ही रघुनाथ साहू पिता रामाधार द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा किया गया है. जिसका प्रमाण शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी निजी भूमि पर किए गए सीमांकन का होना बताया जा रहा है जिसमे उल्लेख किया गया है कि प्रार्थी की भूमि के दक्षिण तथा पश्चिम दिशा के शासकीय भूमि पर रघुनाथ साहू का बेजा कब्जा होना दर्शित किया गया है. शिकायतकर्ता का यहां भी आरोप है कि रघुनाथ साहू का गांव में ही दो मंजिला मकान है जिसमें वह निवास करता है. इसके अलावा शासकीय जमीन पर कब्जा किया जा रहा है जो कि गलत है वही दूसरी ओर अनावेदक का कहना है कि यह हमारी पैतृक भूमि है जिसमे सालो से हम काबिज हैं हमने अधिकार पत्र (पट्टा ) बना रखा है.
शासकीय भूमि पर जारी पट्टे पर जांच होनी चाहिए
ग्राम पंचायत गुड्डी में शासकीय भूमि पर किए गए कब्ज़ा के सम्बन्ध मे न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे ने पंचायत के पूर्व सरपंच सीता बाई साहू के पति मनमोहन साहू से उक्त पट्टे के सम्बन्ध मे जानकारी लिया तब उन्होंने कहा कि हमने कोई पट्टा जारी नहीं किया है. जबकि शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत आवेदन पत्र के साथ संलग्न उक्त जमीन संबंधी अधिकार पत्र (पट्टा ) जमा किया है वह दिनांक 09-05-2018 को जारी होना बताया जा रहा है.जिसमे 3862 वर्ग फूट कि भूमि को रघुनाथ साहू पिता रामाधार के नाम सरपंच सहित राजस्व अधिकारी के हस्ताक्षर से ( पट्टा ) जारी होना बताया जा रहा है. गौरतलब है कि उक्त समय अवधि पर ग्राम पंचायत गुड़ी कि सरपंच सीता साहू थी वही मामले पर उनके पति का कहना है कि हमने कोई जमीन अधिकार पत्र (पट्टा ) जारी नही किया है ऐसे में सवाल उठता है कि उक्त सरकारी दस्तावेज अनावेदक के पास कहा से आया जिसमे सरपंच, पटवारी, नायब के हस्ताक्षर है.
वही अगर नियम की बात किया जाए तो किसी व्यक्ति के पास जीवन यापन के लिए पहले से भूमि या फिर मकान रहता है तो उसे शासन कि जमीन मे (पट्टा ) जारी नही किया जा सकता है वहीं राजस्व अधिकारियों को गलत जानकारी देकर चल पूर्वक Stat कि जमीन पर कब्ज़ा कर धोखे से जमीन का अधिकार पत्र ( पट्टा ) प्राप्त करना गलत है विधि के जानकारो का कहना है कि ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ विधिवत कार्यवाही हो सकती है बहरहाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर जांच कब तक हो पाती है.
