न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू )
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रदाय किए जाने वाली पूरक पोषण आहर अंतर्गत गर्म पका हुआ भोजन कि सामग्री केंद्रों पर सप्लाई करने महिला समूह को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. क्योंकि वर्तमान समय मे इन महिला समूह को बढ़ती महंगाई के दौर में भी पुरानी दर पर भुगतान किया जा रहा है. जिसको लेकर महिला समूह पर काम करने वाली माता बहने चिंतित है.
प्रदेश मे 5 साल बाद पुनः सत्ता पर काबिज होने वाली भारतीय जनता पार्टी को आवश्यकता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर अपनी सेवाएं देने वाली महिला समूह को भी ध्यान देवे.चूकि वर्तमान समय में बढ़ती है महंगाई मे भी महिला समूह के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषण आहार अंतर्गत गर्म भोजन की व्यवस्था कर रही. इस योजना के अंतर्गत बच्चों मे ऊर्जा और पोषक तत्व की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व वाले पकवान बनाकर खिलाती है
गौरतलब है की आंगनबाड़ी केन्द्रो में 3 से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रदाय किए जाने वाली पूरक पोषण आहार अंतर्गत पका हुआ भोजन कि सामग्री, रेसिपी व दर निर्धारित किए गए है. जो वर्तमान समय मे बढ़ती हुई महंगाई में भी महिला समूह द्वारा आंगनबाड़ी केदो पर पुरानी दर पर सामग्री दिया जा रहा है बताया जाता है कि 1 अक्टूबर 2023 कि स्थिति में एक दर शासन ने लागू किया गया था. जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश मे संचालित प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर महिला समूह के द्वारा पूरक पोषण आहार अंतर्गत गर्म पका हुआ भोजन दिया जा रहा है
जिसमे कि एक बच्चे पर भोजन मे महिला समूह को मात्र 5.575 रुपए दिया जाता है. राउंड फिगर 6 रुपए कहा जा सकता है. अगर पूरी सामग्री विवरण दर पर नजर डाले तो शासन ने महिला समूह को मिक्स दाल 90 रुपए प्रति किलो, एवं सब्जी
( सोयाबीन बड़ी के साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हरी सब्जियां ) 32 रुपए प्रति किलो भुगतान दिया जाता है. वही ईंधन व्यय पर बात करें तो प्रति हितग्राही मात्र 1 रुपए निर्धारित किया जा रहा है. इस तरह से कमर तोड़ महंगाई में भी महिला समूह को सस्ते दर पर भुगतान करके पुराने ढर्रे पर चलाया जा रहा है.
महिला बाल विकास विभाग को प्रमुख सुझाव.
1. पूरक पोषण आहार अंतर्गत गर्म पका हुआ भोजन मे लगने वाली हरी सब्जी के दर को बढ़ा कर दिया जाना चाहिए.
2. खाद्य तेल एवं फली दाना कि दर मे वृद्धि किया जाना चाहिए
3. महिला समूह को गर्म भोजन का भुगतान प्रतिमाह किया जाना चाहिए. समय पर भुगतान नहीं होने से वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ता है.