तहसीलदार गरिमा ठाकुर के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप….. सिविल न्यायालय का आदेश बडा या फिर तहसीलदार गरिमा ठाकुर का क्षेत्राधिकार ?
तहसीलदार गरिमा ठाकुर के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप…..
सिविल न्यायालय का आदेश बडा या फिर तहसीलदार गरिमा ठाकुर का क्षेत्राधिकार ?

न्यूज़ छत्तीसगढ़ टुडे (संतोष साहू)
बिलासपुर – सिविल न्यायालय का आदेश को तहसीलदार गरिमा ठाकुर द्वारा नहीं मानने एवं 10 हजार रुपए रिश्वत मांग करने का आरोप लगाया गया हैं. पूरे मामले को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत ग्रामीण द्वारा किया गई है.

ग्राम पंचायत कोरमी जिला बिलासपुर निवासी अनिल धुरी ने जिला कलेक्टर के समक्ष दिनांक 25 – 08 – 2025 को एक लिखित शिकायत पत्र दिया है जिसमें उल्लेख किया गया है कि मौजा कोरमी में स्थित भूमि खसरा नंबर 25/1, 25/3, 178/3, 476/2, 495/2, 547/6, 553/2, 589/1, 591/16, 662/2 का प्रकरण माननीय सिविल न्यायालय बिलासपुर में चला है। लगभग 11 वर्ष तक प्रकरण चलने के बाद खाता विभाजन हेतु आदेश पारित किया गया है। उक्त आदेश का परिपालन हेतु तहसीलदार गरिमा ठाकुर के यहां आवेदन प्रस्तुत किया। तब उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन डालिए उनके कहने पर ग्रामीण अनिल धुरी ने पंजीबद्ध प्रकरण क. आर. डी..202425400108800008 में आवेदन प्रस्तुत किया।
वही शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदन करने के बाद तहसीलदार गरिमा ठाकुर से सम्पर्क किया तब उन्होंने कहा कि काम जल्दी कराना है तो 10,000/- दस हजार रूपये देना होगा अन्यथा तुम्हारा आवेदन को खारिज कर दूंगी। अनिल धुरी का यह भी आरोप है कि उक्त रकम नहीं दिये जाने के कारण तहसीलदार गरिमा ठाकुर द्वारा सिविल कोर्ट का आदेश को न मानते हुए प्रस्तुत किये गये खाता विभाजन हेतु आवेदन को खारिज कर दिया है। मामले पर तहसीलदार गरिमा ठाकुर से उनका पक्ष जाना गया तब उनका कहना था कि मैं इस व्यक्ति को जानती ही नहीं हूं. फिलहाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर कब तक जाँच हो पाती हैं.

